Ujjain में 1.80 करोड़ की जमीन हड़पने का खेल! मृत किसान का बना फर्जी बेटा,पटवारी-तहसीलदार पर FIR

Ujjain Land Fraud Case : उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला मध्य प्रदेश में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। उज्जैन जिले से सामने आए इस मामले में एक युवक पर आरोप है कि उसने खुद को मृत किसान का बेटा बताकर करोड़ों रुपए की जमीन अपने नाम करा ली।मामले की जांच के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ यानी EOW ने पटवारी, तहसीलदार समेत कई लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

ताजा उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला ग्राम बैसला से जुड़ा हुआ है। जानकारी के मुताबिक गांव के निःसंतान भू-स्वामी भगवान मीणा की मौत हो गई थी।इसके बाद साल 2019 में एक युवक ने खुद को मृत किसान केदार मीणा का बेटा बताकर जमीन पर दावा कर दिया। आरोप है कि इसी फर्जी पहचान के आधार पर करीब 1.80 करोड़ रुपए की जमीन हड़प ली गई।

फर्जी नामांतरण से हड़पी जमीन
जांच में सामने आया कि उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला में आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए मृतक केदार मीणा का बेटा बनकर संयुक्त खाते में दर्ज 2.883 हेक्टेयर जमीन का नामांतरण करा लिया।EOW के अनुसार सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव करने के लिए पंचायत और राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की भी मदद ली गई थी।

इन लोगों पर दर्ज हुआ केस
मौजूदा उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला में EOW मुख्यालय भोपाल ने कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।आरोपियों में मुख्य आरोपी भगवान पिता भैरूलाल मीणा के अलावा:

  • ग्राम पंचायत बैसला की सरपंच प्रेमलता रावत
  • पंचायत सचिव आनंद सक्सेना
  • पटवारी अनुराग पाटीदार
  • तत्कालीन तहसीलदार रामपुरा बालकृष्ण मकवाना

के नाम शामिल हैं।

जांच में सामने आया बड़ा नेटवर्क
ताजा उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला जांच में यह बात सामने आई है कि जमीन हड़पने की पूरी साजिश में कई लोग शामिल थे।EOW अधिकारियों का कहना है कि फर्जी नामांतरण और दस्तावेज तैयार करने में सरकारी सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। इसी वजह से अब जांच का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

सरकारी अफसरों की भूमिका पर सवाल
मौजूदा उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला ने राजस्व विभाग और पंचायत व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।लोग पूछ रहे हैं कि आखिर बिना सही जांच के किसी मृत व्यक्ति का फर्जी वारिस कैसे तैयार हो गया और करोड़ों की जमीन का नामांतरण कैसे हो गया।

EOW अब जुटा रही सबूत
फिलहाल उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला में EOW दस्तावेज, जमीन रिकॉर्ड और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में इस मामले में और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

इलाके में चर्चा का विषय बना मामला
गांव बैसला और आसपास के इलाकों में उज्जैन जमीन फर्जीवाड़ा मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने बड़े फर्जीवाड़े में कई स्तर पर लापरवाही हुई है।अब सभी की नजर EOW की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग जांच के घेरे में आते हैं।

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