न्यूयॉर्क (अमेरिका): टेक्नोलॉजी की दुनिया में कुछ साल पहले तक ‘स्मार्ट’ शब्द एक जादू जैसा लगता था। स्मार्ट फोन, स्मार्ट टीवी, स्मार्ट वॉच और स्मार्ट होम जैसी हर नई चीज इंसानों को भविष्य के करीब ले जाने का दावा करती थी। इसके विपरीत, अब इस ‘स्मार्टनेस’ के उलट ‘बेसिक’ चीजों का एक नया ट्रेंड तेजी से उभर रहा है। लोग अब ऐसे फोन, टीवी और उपकरणों को पसंद कर रहे हैं, जो सिर्फ अपना मूल काम करें और हर वक्त इंटरनेट या ऐप से जुड़े न रहें।
पश्चिमी देशों के युवाओं में बढ़ा बेसिक फोन का क्रेज
अमेरिका सहित तमाम पश्चिमी बाजारों में युवा अब बेसिक फोन की ओर तेजी से लौट रहे हैं। इन फोन में सिर्फ कॉल, मैसेज और कुछ बेहद जरूरी फीचर्स ही होते हैं। गजेल की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2021 से 2024 के बीच जेन-जी (युवा पीढ़ी) में ऐसे बेसिक फोन की बिक्री में 148% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही, लगभग 16% जेन-जी वयस्कों के पास अब ऐसे फोन मौजूद हैं, जबकि 28% युवा इन्हें खरीदने की इच्छा जता रहे हैं।
डिजिटल थकान और डेटा ट्रैकिंग बनी बदलाव की वजह
इसके अलावा, इस बड़े बदलाव की मुख्य वजह अतीत की कोई कसक नहीं, बल्कि आज की डिजिटल थकान है। प्यू रिसर्च के अनुसार, अमेरिका के आधे किशोर लगभग हर वक्त ऑनलाइन रहते हैं। यही कारण है कि लोग अब ‘बेसिक टीवी’ भी खोज रहे हैं, ताकि उनकी स्क्रीन केवल वही दिखाए जो वे देखना चाहते हैं, न कि कोई उनकी आदतों को ट्रैक करे। परिणामस्वरूप, भारत में भी स्मार्ट गैजेट्स की हाइप ठंडी पड़ने लगी है और साल 2024 में वियरेबल मार्केट 11.3% तक घट गया है।
डेटा सुरक्षा की चिंता और स्मार्ट होम मार्केट का भविष्य
हालांकि, भारत में स्मार्ट होम का बाजार अभी भी बढ़ने के ट्रेंड में दिखाई दे रहा है। यह बाजार साल 2024 में 3.23 अरब डॉलर का था, जो साल 2030 तक 16.39 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। दूसरी ओर, अमेरिका में कोपलैंड के 2024 के सर्वे में 27% लोगों ने स्मार्ट डिवाइसेज में डेटा सुरक्षा पर गहरी चिंता जताई थी। अंततः, यह नया ट्रेंड टेक सेवी युवाओं को अपनी शर्तों पर प्राइवेसी और अपने वक्त पर नियंत्रण रखने का एक बेहतरीन जरिया दे रहा है।









