Wednesday, August 19, 2026
Home Madhya Pradesh MP Medical Strike:ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सड़कों पर उतरे केमिस्ट,...

MP Medical Strike:ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में सड़कों पर उतरे केमिस्ट, रतलाम और मुंगावली में प्रतिष्ठान बंद कर सौंपा ज्ञापन

 रतलाम (मध्य प्रदेश):ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में देशभर के साथ-साथ रतलाम और अशोकनगर जिले के मुंगावली में केमिस्टों का गुस्सा सड़कों पर फूटा। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) एवं प्रदेश संगठन के आह्वान पर दवा व्यापारियों ने बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल रखी। इस दौरान जिलेभर के दवा विक्रेताओं ने अपने प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रखकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। हालांकि, मरीजों की सुविधा के लिए रेडक्रास मेडिकल सहित कुछ चुनिंदा दुकानें खुली रखी गईं।

ऑनलाइन बिक्री और नकली दवाओं के पुतले का दहन


दवा व्यापारियों की इस देशव्यापी हड़ताल का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन दवा बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना है। इसके अलावा, व्यापारी नकली दवाओं के कारोबार और नशीली दवाओं के अवैध व्यापार पर नियंत्रण लगाने की मांग कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर जिलेभर के केमिस्ट शासकीय अस्पताल गेट के सामने एकत्रित हुए। यहाँ से सभी ने नारेबाजी करते हुए डालू मोदी बाजार तक पैदल रैली निकाली। इसके बाद चौराहे पर ऑनलाइन एवं नकली दवाओं के प्रतीकात्मक पुतले का दहन किया गया। अंततः सभी व्यापारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और देश के प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

मुंगावली में तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

 

इसी तरह का उग्र प्रदर्शन अशोकनगर जिले की मुंगावली तहसील में भी देखने को मिला। यहाँ जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के नेतृत्व में स्थानीय दवा विक्रेताओं ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। इसके साथ ही, दवा व्यापारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के नाम तहसीलदार सोनम शर्मा को एक ज्ञापन सौंपा। केमिस्ट्स ने मांग की है कि केंद्र सरकार अवैध ई-फार्मेसियों के संचालन को तुरंत बंद करे। यही कारण है कि छोटे व्यापारियों को बाजार से बाहर करने वाली कॉरपोरेट घरानों की नीतियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की मांग की जा रही है।

कोविड काल की पुरानी अधिसूचना का हो रहा दुरुपयोग

 

दवा संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार की पुरानी नीतियों पर भी गंभीर चिंता जताई है। व्यापारियों का आरोप है कि देश में बिना किसी सख्त नियमावली के इंटरनेट पर धड़ल्ले से अवैध ई-फार्मेसियाँ चल रही हैं। इसके विपरीत, वर्ष 2018 और कोविड-19 महामारी के दौरान साल 2020 में आपातकालीन व्यवस्था के तहत जारी की गई अधिसूचनाओं का अब गलत इस्तेमाल हो रहा है। महामारी समाप्त होने के बावजूद इस छूट की आड़ में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के अनिवार्य सुरक्षा नियमों का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है।

लाखों परिवारों के रोजगार और जनस्वास्थ्य पर संकट

परिणामस्वरूप, बड़ी ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट का लालच देकर बाजार पर अपना एकाधिकार जमाना चाहती हैं। यह नीति सीधे तौर पर देश के 12.40 लाख से अधिक छोटे दवा विक्रेताओं और उनके परिवारों की आजीविका पर सीधा प्रहार है। इसके अतिरिक्त, बिना उचित डॉक्टरी पर्चे के दवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी होने से समाज में नशीली दवाओं के दुरुपयोग का खतरा भी बढ़ रहा है। केमिस्ट एसोसिएशन का मानना है कि यह स्थिति जनस्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here