ujjain News :उज्जैन/राजेश व्यास : देशभर में 9 अगस्त को भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक, रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। इस खास मौके पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु और खुशहाली की कामना करती हैं। इसी पावन भावना के साथ उज्जैन के 118 साल पुराने और प्रसिद्ध बड़े गणेश मंदिर में एक अनोखी परंपरा देखने को मिली। यहां भगवान गणेश को अपना भाई मानने वाली बहनों ने देश-विदेश से राखियां भेजी हैं। मंदिर के पुजारी पंडित सुधीर व्यास ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी भारत के अलग-अलग शहरों से लेकर अमेरिका, सिंगापुर और हांगकांग जैसे दूर देशों से भी भगवान गणेश के लिए राखियां आई हैं।
ujjain News :हालांकि कुछ राखियां समय पर नहीं पहुंच सकीं, लेकिन कई हिस्सों से आई राखियां उनके घर पर सुरक्षित पहुंचाई गई हैं। महाकाल मंदिर के पास स्थित यह 15 फुट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा ‘बड़े गणेश’ के नाम से प्रसिद्ध है। मान्यता है कि भक्त भगवान शिव को पिता और माता पार्वती को मां मानते हैं, और इसी भावना के साथ कई महिलाएं गणेश जी को अपना भाई मानती हैं। इसे हर साल भगवान गणेश को अर्पित किया जाता है। भगवान गणेश के साथ-साथ उनकी पत्नियों रिद्धि और सिद्धि को भी राखियां बांधी जाती हैं।
ujjain News : इस साल विदेशों के अलावा बेंगलुरु, मुंबई, इंदौर, भोपाल और जयपुर जैसे शहरों से भी बहनों ने अपनी आस्था और प्यार से भरी राखियां भेजी हैं। रक्षाबंधन के दिन सभी राखियों को विधि-विधान से पूजा के बाद भगवान गणेश को अर्पित किया जाएगा। पंडित व्यास के अनुसार, यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है और हर साल बहनों की आस्था के कारण यह आयोजन और भी भव्य होता जा रहा है।









