Summer Child Care Tips : देशभर में बढ़ती गर्मी और हीट वेव के बीच सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और शिशुओं को होता है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों का शरीर तापमान को जल्दी नियंत्रित नहीं कर पाता, इसलिए उनमें डिहाइड्रेशन, घमौरी, कमजोरी और लू लगने का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में माता-पिता को गर्मियों के दौरान बच्चों की देखभाल को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सही खानपान, पर्याप्त हाइड्रेशन, हल्के कपड़े और धूप से बचाव बच्चों को गर्मी की कई समस्याओं से सुरक्षित रख सकते हैं।
छोटे बच्चों में क्यों बढ़ जाता है खतरा?
Summer Child Care Tips : गर्मी के मौसम में बच्चों के शरीर से पसीने के जरिए तेजी से पानी निकलता है। शिशुओं और छोटे बच्चों की इम्यूनिटी भी पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिससे वे जल्दी बीमार पड़ सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार तेज गर्मी में बच्चों में डिहाइड्रेशन, त्वचा संबंधी समस्याएं और थकान जैसी दिक्कतें तेजी से बढ़ती हैं। खासतौर पर 6 महीने से छोटे बच्चों को अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है।
6 महीने से छोटे बच्चों को पानी क्यों नहीं देना चाहिए?
Summer Child Care Tips : स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि 6 महीने से छोटे बच्चों के लिए केवल मां का दूध ही पर्याप्त होता है। मां के दूध में इतनी मात्रा में पानी और पोषण मौजूद होता है, जो बच्चे की प्यास और शरीर की जरूरतों को पूरा करता है।गर्मियों में बच्चों को बार-बार स्तनपान कराना जरूरी माना जाता है। इससे शरीर में पानी की कमी नहीं होती और बच्चा ऊर्जावान बना रहता है।
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बड़े बच्चों को क्या पिलाएं?
6 महीने से अधिक उम्र के बच्चों को गर्मी में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना जरूरी है। बच्चों को उबला और ठंडा किया गया पानी, नारियल पानी, ताजे फलों का रस और हल्का घरेलू पेय दिया जा सकता है।हालांकि बाजार में मिलने वाले ज्यादा मीठे और कोल्ड ड्रिंक्स से बचना चाहिए, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी और बढ़ा सकते हैं।
कपड़ों का चुनाव भी बेहद जरूरी
Summer Child Care Tips : गर्मियों में बच्चों को हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनाने की सलाह दी जाती है। कॉटन कपड़े पसीना जल्दी सोखते हैं और शरीर को ठंडक देते हैं।सिंथेटिक या ज्यादा टाइट कपड़े बच्चों में घुटन और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को जरूरत से ज्यादा कपड़ों में लपेटकर नहीं रखना चाहिए।
तेज धूप से ऐसे करें बचाव
दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप सबसे ज्यादा तेज होती है। इस दौरान छोटे बच्चों को बाहर ले जाने से बचना चाहिए।अगर बाहर जाना जरूरी हो तो बच्चों को टोपी, हल्के फुल स्लीव कपड़े और छांव में रखने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि बच्चों को कभी भी बंद कार में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए।
AC और कूलर इस्तेमाल करते समय रखें सावधानी
Summer Child Care Tips : गर्मी से राहत के लिए एसी और कूलर का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन कमरे का तापमान बहुत ज्यादा ठंडा नहीं होना चाहिए।विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों के लिए 24 से 26 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त माना जाता है। साथ ही बच्चों को सीधे एसी या कूलर की हवा में नहीं सुलाना चाहिए।
घमौरियों और त्वचा की देखभाल
गर्मी में बच्चों को रोजाना हल्के पानी से नहलाना फायदेमंद माना जाता है। गर्दन, बगल और डायपर एरिया को साफ और सूखा रखना जरूरी है।बेबी-सेफ पाउडर या कॉर्नस्टार्च का सीमित उपयोग घमौरियों से बचाव में मदद कर सकता है। साथ ही शाम के समय मच्छरों से बचाने के लिए मच्छरदानी का उपयोग भी जरूरी है।
डिहाइड्रेशन के संकेत पहचानें
डॉक्टरों के अनुसार यदि बच्चा कम पेशाब कर रहा हो, मुंह सूख रहा हो, रोते समय आंसू न आ रहे हों या बच्चा बहुत सुस्त दिखाई दे रहा हो, तो यह डिहाइड्रेशन के संकेत हो सकते हैं।ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।









