Bilaspur Diesel Supply Crisis के बीच छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में प्रशासन ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है। जिले में डीजल की असामान्य खपत और बिक्री के मामलों ने सप्लाई सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bilaspur Diesel Supply Crisis को लेकर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने चार पेट्रोल पंप संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन को आशंका है कि उपभोक्ताओं के लिए निर्धारित डीजल का इस्तेमाल औद्योगिक जरूरतों के लिए किया जा रहा है।
डीजल बिक्री में अचानक उछाल से मचा हड़कंप
Diesel Consumption Alert के तहत की गई जांच में सामने आया कि कुछ पेट्रोल पंपों में पिछले साल की औसत मासिक खपत की तुलना में 100 प्रतिशत से लेकर 337 प्रतिशत तक ज्यादा डीजल की बिक्री दर्ज हुई है।
प्रशासन का कहना है कि इतनी बड़ी बढ़ोतरी सामान्य उपभोक्ता मांग से मेल नहीं खाती। इसी वजह से पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है।
खाद्य विभाग की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
Chhattisgarh Fuel Investigation के दौरान खाद्य शाखा की समीक्षा रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद कुछ चुनिंदा पंपों में डीजल मांग अचानक तेजी से बढ़ गई, जबकि अन्य उपभोक्ता श्रेणी के पंपों पर बिक्री सामान्य या कम रही।
इस असामान्य पैटर्न ने प्रशासन को संदेह में डाल दिया कि कहीं औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को घरेलू या उपभोक्ता श्रेणी वाला डीजल तो नहीं बेचा जा रहा।
इन पेट्रोल पंपों को जारी हुआ नोटिस
Bilaspur Petrol Pump Notice के तहत जिन चार पेट्रोल पंप संचालकों को नोटिस जारी किया गया है, उनमें शामिल हैं:
- मां कावेरी फ्यूल्स, बीपीसीएल कंपनी, ग्राम छतौना, तखतपुर
- औसत मासिक खपत से 138% अधिक डीजल बिक्री
- सेठ मूलचंद एंड सन्स, बीपीसीएल कंपनी, ग्राम धौराभाठा, बिल्हा
औसत मासिक खपत से 100% अधिक बिक्री
- जय मां श्री यंत्र फ्यूल्स, आरओसीएल कंपनी, ग्राम गतौरा
- औसत मासिक खपत से 337% अधिक डीजल मांग और बिक्री
- सौरभ सर्विस स्टेशन, आईओसीएल कंपनी, ग्राम अमसेना, तखतपुर
- औसत मासिक खपत से 246% अधिक डीजल बिक्री
प्रशासन ने मांगा जवाब, बढ़ सकती है कार्रवाई
Fuel Supply Monitoring के तहत जिला प्रशासन ने संबंधित पंप संचालकों से जवाब मांगा है कि आखिर अचानक इतनी बड़ी मात्रा में डीजल बिक्री कैसे बढ़ गई।यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में जिले के अन्य पेट्रोल पंपों की भी जांच की जा सकती है।
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पेट्रोल-डीजल संकट के बीच बढ़ी लोगों की चिंता
Petrol Diesel Crisis के बीच पहले ही कई जिलों में लंबी कतारें और सप्लाई को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। ऐसे समय में डीजल की संदिग्ध खपत और संभावित डायवर्जन की खबरों ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई सिस्टम में पारदर्शिता नहीं रखी गई तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
क्या डीजल की कालाबाजारी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय?
Diesel Black Marketing को लेकर अब कई सवाल उठने लगे हैं।प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यदि उपभोक्ता श्रेणी का डीजल औद्योगिक सेक्टर तक पहुंच रहा है, तो इससे सरकारी सप्लाई सिस्टम और मूल्य नियंत्रण दोनों प्रभावित हो सकते हैं।फिलहाल जिला प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और संबंधित एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।








