kumhari agnikand : दुर्ग : दुर्ग जिले के कुम्हारी अग्निकांड की जांच अब विवादों में घिर गई है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान अधिकारियों ने बिना पूरी जानकारी दिए उनसे दस्तखत करवाए और बयान बदलने पर धमकाया। हादसे में अनिल उर्फ होमदास वैष्णव, उनकी दो बेटियां और डेढ़ साल की नातिन की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।
kumhari agnikand : परिवार के सदस्य गौतम वैष्णव का कहना है कि जांच टीम उन्हें अलग ले गई और कागजों पर साइन करने को कहा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला अधिकारी ने कहा— “बयान बदला तो थप्पड़ मारूंगी।” गौतम का दावा है कि टीम आग को शॉर्ट सर्किट नहीं, बल्कि आत्महत्या का मामला साबित करने की कोशिश कर रही थी।
kumhari agnikand : घटना स्थल पर अब भी जले हुए सामान, काली पड़ी दीवारें और राख में बदला घर हादसे की भयावहता बयान कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक आग कुछ ही मिनटों में पूरे घर में फैल गई थी। सिलेंडर ब्लास्ट के बाद इलाके में भगदड़ मच गई और किसी को अंदर फंसे लोगों को बचाने का मौका नहीं मिला।
kumhari agnikand : मोहल्ले के लोगों ने बिजली व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इलाके में पहले भी कई बार शॉर्ट सर्किट और स्पार्किंग की शिकायतें हुई थीं, लेकिन बिजली विभाग ने स्थायी समाधान नहीं किया। हादसे के बाद लगाए गए अस्थायी मीटर में भी करंट आने की शिकायत सामने आई है।
kumhari agnikand : प्रशासन ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की है, जिसे 16 मई तक रिपोर्ट सौंपनी है। वहीं तहसीलदार रवि विश्वकर्मा ने कहा कि पंचनामा और पूछताछ सभी अधिकारियों की मौजूदगी में हुई थी। उन्होंने कहा कि यदि धमकाने वाले अधिकारी का नाम बताया जाता है, तो मामले की जांच कराई जाएगी।









