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Talkatora Stadium : OBC की अनदेखी मेरी गलती थी-राहुल गांधी ने मानी चूक, अब लड़ाई को बताया प्राथमिकता

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Talkatora Stadium : नई दिल्ली| राजधानी दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित OBC भागीदारी न्याय महासम्मेलन में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि OBC समुदाय की उपेक्षा उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक भूलों में से एक रही। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने समय रहते इस वर्ग की पीड़ा समझी होती, तो UPA शासनकाल में ही जातिगत जनगणना करा दी जाती।

सभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

“अब यह लड़ाई मेरी प्राथमिकता है” – राहुल गांधी

राहुल गांधी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा:

“मैंने मनरेगा, खाद्य सुरक्षा कानून, वन अधिकार कानून जैसे कई जनहित कार्य किए, लेकिन मैं OBC वर्ग की पीड़ा को गहराई से नहीं समझ पाया। यह मेरी गलती थी। लेकिन अब मैं पीछे नहीं हटूंगा। अब OBC की न्याय की लड़ाई मेरी प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि यदि जातीय गणना नहीं हुई, तो सामाजिक न्याय अधूरा रह जाएगा।

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पीएम मोदी नहीं, RSS असली खतरा

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ प्रचार का चेहरा हैं, असली ताकत RSS के पास है। उन्होंने कहा कि RSS सामाजिक न्याय के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा है और OBC वर्ग का असली विरोधी वही है।

“नरेंद्र मोदी कोई बहुत बड़ी समस्या नहीं हैं, वो तो एक ब्रांडिंग हैं। असली ताकत तो उनके पीछे खड़े RSS के पास है जो OBC, दलित और आदिवासी को उनका हक नहीं देना चाहता।”

तेलंगाना की जातीय गणना को बताया ‘सुनामी’

तेलंगाना सरकार द्वारा हाल ही में कराई गई जातीय गणना की तारीफ करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इसके आंकड़े चौंकाने वाले हैं।

“कॉर्पोरेट कंपनियों में सवर्णों को करोड़ों के पैकेज मिल रहे हैं, जबकि OBC, दलित और आदिवासी मजदूरी कर रहे हैं। यह व्यवस्था अन्यायपूर्ण है और इसे बदलना होगा।”

आरक्षण की 50% सीमा खुद टूटेगी: राहुल

राहुल गांधी ने यह भी स्पष्ट किया कि जातीय जनगणना के बाद आरक्षण की वर्तमान 50% सीमा टूटे बिना नहीं रहेगी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यह करके दिखा दिया है, अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।

सिद्धारमैया बोले – यह सिर्फ सम्मेलन नहीं, वंचितों की पुकार है

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने संबोधन में कहा:

“यह सम्मेलन सिर्फ एक राजनीतिक आयोजन नहीं है, बल्कि वंचित और पिछड़े वर्गों की सामूहिक पुकार है। भारत की सामाजिक संरचना न्याय पर नहीं, बहिष्करण पर आधारित रही है। इसे स्वीकार करना पड़ेगा।”

उन्होंने कहा कि बीजेपी और RSS की विचारधारा इस असमानता को दूर करने के बजाय उसका महिमामंडन करती है।

प्रमुख घोषणाएं और संकेत:

  • कांग्रेस जातीय जनगणना को आगामी चुनावी एजेंडे में प्रमुख मुद्दा बनाएगी
  • आरक्षण की सीमा और वितरण पर पुनर्विचार का संकेत
  • RSS के खिलाफ वैचारिक और राजनीतिक मोर्चाबंदी तेज होगी
  • तेलंगाना मॉडल को अन्य राज्यों में दोहराने की रणनीति
  • OBC, दलित और आदिवासी वर्गों को पार्टी के केंद्र में लाने की कोशिश
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VIKASH KHALKHO
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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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