cement companies : रायपुर : छत्तीसगढ़ में सीमेंट कंपनियों ने एक बार फिर कीमतों में बड़ा इजाफा कर निर्माण क्षेत्र की चिंता बढ़ा दी है। कंपनियों द्वारा करीब 30 रुपये प्रति बोरी तक दाम बढ़ाने के बाद अब रिटेल बाजार में सीमेंट 300 से 350 रुपये प्रति बोरी तक बिक रहा है, जबकि थोक बाजार में कीमतें 260 से 340 रुपये तक पहुंच गई हैं। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
cement companies : प्रमुख कंपनियों ने बढ़ाए दाम
cement companies : सीमेंट कंपनियों की नई दरों के बाद बाजार में हलचल बढ़ गई है। अल्ट्राटेक सीमेंट की कीमत 270 रुपये से बढ़कर 300 रुपये प्रति बोरी हो गई है। वहीं ACC सीमेंट 250 से बढ़कर 280 रुपये, JK लक्ष्मी सीमेंट 230 से 260 रुपये और Nuvoco सीमेंट भी 230 से बढ़कर 260 रुपये प्रति बोरी पहुंच गया है।
cement companies : व्यापारियों का कहना है कि कंपनियों ने कीमत बढ़ाने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। बाजार से जुड़े लोगों का आरोप है कि यह बढ़ोतरी मुनाफा बढ़ाने और सप्लाई नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।
cement companies : सरकारी परियोजनाओं पर सबसे ज्यादा असर
cement companies : सबसे ज्यादा असर सरकारी निर्माण कार्यों और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले नॉन-ट्रेड सीमेंट पर देखा जा रहा है। जो सीमेंट पहले करीब 310 रुपये प्रति बोरी मिल रहा था, वह अब 340 रुपये तक पहुंच गया है। इससे सड़क, पुल, भवन और अन्य सरकारी परियोजनाओं की लागत तेजी से बढ़ रही है।
cement companies : सरकारी ठेकेदारों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में तैयार होने वाला नॉन-ट्रेड सीमेंट दूसरे राज्यों में यहां से करीब 40 रुपये सस्ता बेचा जा रहा है। इससे स्थानीय निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
cement companies : GST कटौती का फायदा नहीं मिला
cement companies : केंद्र सरकार ने सितंबर 2025 में सीमेंट पर GST दर 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दी थी। उम्मीद थी कि इससे निर्माण लागत कम होगी और आम लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन 2026 में भी सीमेंट के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
cement companies : विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट लागत, सप्लाई चेन नियंत्रण और कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति के कारण GST कटौती का लाभ ग्राहकों तक नहीं पहुंच पाया। मध्यप्रदेश में GST कटौती के बाद कुछ राहत देखने को मिली, लेकिन महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में कीमतें अब भी ऊंची बनी हुई हैं।
cement companies : कार्टेलाइजेशन के आरोप तेज
cement companies : स्थानीय व्यापारियों और उद्योग विशेषज्ञों ने सीमेंट कंपनियों पर कार्टेल बनाकर सप्लाई नियंत्रित करने और कृत्रिम तरीके से दाम बढ़ाने के आरोप लगाए हैं। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल भी पहले इस मुद्दे को उठा चुके हैं। राज्य सरकार ने पिछले साल कंपनियों के साथ बैठक कर बिना सूचना कीमतें न बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन इसके बावजूद कई बार रेट बढ़ाए जा चुके हैं।
cement companies : NITI Aayog की सलाह से और बढ़ी चिंता
cement companies : इस बीच पश्चिम एशिया संकट और बढ़ती वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के कारण नीति आयोग ने केंद्र सरकार को देशभर में बड़े निर्माण कार्यों पर दो साल तक रोक लगाने की सलाह दी है। सूत्रों के मुताबिक, बढ़ती निर्माण लागत, आयात खर्च और सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण यह सुझाव दिया गया है।
cement companies : जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित निर्माण भवन, उद्योग भवन और शास्त्री भवन जैसे बड़े सरकारी परिसरों के पुनर्निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों को भी फिलहाल रोकने पर विचार किया जा रहा है। भारी निर्माण कार्यों में अधिक ईंधन, मशीनरी और संसाधनों की जरूरत को देखते हुए सरकार खर्च कम करने और ऊर्जा बचत पर जोर दे रही है।
cement companies : रियल एस्टेट और आम लोगों पर असर
cement companies : बिल्डर एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष रूपेश सिंघल का कहना है कि लगातार महंगी हो रही निर्माण सामग्री अब इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। कारोबारियों के अनुसार आने वाले समय में सीमेंट की कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति बोरी तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
cement companies : यदि कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो रियल एस्टेट बाजार, छोटे बिल्डर्स और आम लोगों के लिए घर बनाना और महंगा हो जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सीधा असर सरकारी विकास परियोजनाओं और निर्माण उद्योग की रफ्तार पर पड़ेगा।









