Yogi cabinet expansion : उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार रविवार को होने जा रहा है। दोपहर बाद लखनऊ स्थित जनभवन में छह विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस मौके को लेकर प्रशासन और राजनीतिक हलकों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
मुख्यमंत्री की राज्यपाल से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
शनिवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की, जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया और तेज हो गई। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जनभवन में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
6 नए मंत्रियों की एंट्री संभव
सूत्रों के मुताबिक इस विस्तार में दो कैबिनेट मंत्री और चार राज्य मंत्री बनाए जा सकते हैं। जिन नामों की चर्चा सबसे अधिक है, उनमें भूपेंद्र चौधरी और समाजवादी पार्टी से आए विधायक मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना है।
इसके अलावा अलीगढ़ के सुरेंद्र सिंह दिलेर, फतेहपुर के कृष्णा पासवान, कन्नौज के कैलाश राजपूत और वाराणसी के हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है।
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जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस
इस मंत्रिमंडल विस्तार में बीजेपी का मुख्य फोकस जातीय और क्षेत्रीय समीकरण साधने पर है। खासकर दलित और पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह विस्तार बेहद अहम माना जा रहा है।
मंत्रियों की संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच सकती है
फिलहाल योगी सरकार में 54 मंत्री हैं। इस विस्तार के बाद यह संख्या करीब 60 तक पहुंच सकती है। हालांकि इस बार किसी मंत्री को हटाने की संभावना से इनकार किया जा रहा है।
कुछ मंत्रियों का बढ़ सकता है कद
सूत्रों के मुताबिक इस फेरबदल में कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियां बढ़ाई जा सकती हैं। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के विभागों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
चुनावी रणनीति से जुड़ा कदम
2024 के बाद यह दूसरा बड़ा विस्तार है। इससे पहले मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले मंत्रिमंडल में बदलाव किया गया था। अब 2026 विधानसभा चुनाव से पहले यह कदम बीजेपी की चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है।









