Jashpur Administration Action : गौरी शंकर गुप्ता/जशपुर/कांसाबेल। कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देश पर जशपुर प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित लोक सेवा केंद्रों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। तहसील कार्यालय कांसाबेल के पास संचालित ‘CSC वर्षा ऑनलाइन सेंटर’ पर प्रशासन ने औचक छापेमारी कर उसे सील कर दिया है। जांच में पाया गया कि संचालक जयजीत एक्का द्वारा न केवल अनधिकृत रूप से ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी का संचालन किया जा रहा था, बल्कि नागरिकों से अवैध वसूली की शिकायतें भी सही पाई गईं।
पंचायत की आईडी का निजी दुकान में उपयोग जांच में खुलासा हुआ कि ग्राम पंचायत कुसुमताल के लिए जारी अधिकृत ई-डिस्ट्रिक्ट आईडी का संचालन पंचायत भवन के बजाय निजी दुकान में किया जा रहा था। इस मनमानी के कारण कुसुमताल के ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय कर तहसील कार्यालय आना पड़ रहा था, जिससे उनके समय और धन की हानि हो रही थी। नियमों के मुताबिक, पंचायत स्तर की आईडी का संचालन केवल निर्धारित सरकारी भवन में ही किया जा सकता है।
महतारी वंदन योजना के नाम पर वसूली प्रशासन को शिकायत मिली थी कि केंद्र संचालक द्वारा शासन की कल्याणकारी योजनाओं के नाम पर अवैध उगाही की जा रही है। विशेष रूप से ‘महतारी वंदन योजना’ के अंतर्गत ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया, जो कि पूरी तरह निःशुल्क है, उसके लिए भी नागरिकों से पैसे मांगे जा रहे थे। पैसे न देने पर काम रोकने की शिकायतों की पुष्टि होने के बाद नायब तहसीलदार कांसाबेल ने केंद्र को तत्काल प्रभाव से सील करने की कार्रवाई की।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी जशपुर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इससे पहले भी ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली करने वाले 9 सीएससी (CSC) संचालकों की आईडी बंद की जा चुकी है। प्रशासन ने सभी यूजर आईडी ऑपरेटर्स को सख्त हिदायत दी है कि वे केवल शासन द्वारा अनुमोदित स्थान पर ही अपनी आईडी का संचालन करें और निर्धारित शुल्क ही लें।









