Contaminated Water Crisis : छिंदवाड़ा में ‘इंदौर’ जैसे हालात: राज टॉकीज क्षेत्र में गटर के पानी की सप्लाई, लोगों का फूटा गुस्सा।

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Contaminated Water Crisis : छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अब छिंदवाड़ा से भी वैसी ही डरावनी तस्वीरें सामने आ रही हैं। शहर के वार्ड नंबर 30, राज टॉकीज क्षेत्र में पिछले कई महीनों से नलों के जरिए ‘गटर’ जैसी बदबू वाला गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। दूषित पानी के सेवन से क्षेत्र में गले का इंफेक्शन, पेट दर्द, दस्त और मलेरिया जैसी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत का माहौल है।

30 मिनट की सप्लाई, उसमें भी 20 मिनट बहता है कचरा क्षेत्रवासियों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि दिन भर में मात्र 30 मिनट के लिए नल आता है। इसमें से भी शुरुआती 20 मिनट तक इतना गंदा और बदबूदार पानी निकलता है कि उसे इस्तेमाल करना तो दूर, हाथ धोने पर भी बदबू नहीं जाती। केवल अंतिम 10 मिनट की सप्लाई के भरोसे पूरा मोहल्ला टिका है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से बेहद खतरनाक है।

पार्षद के नेतृत्व में नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन समस्या से आजिज आकर वार्ड नंबर 30 की पार्षद शोभी कुरैशी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में गंदे और काले पानी से भरी बोतलें लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्षद शोभी कुरैशी ने कहा कि नगर निगम कमिश्नर और जल प्रदाय विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।

पानी खरीदकर गुजर-बसर करने को मजबूर लोग दूषित सप्लाई के कारण आर्थिक रूप से कमजोर लोग भी अब मजबूरन पानी की केन खरीदकर घर चला रहे हैं। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पाइपलाइन की लीकेज ठीक कर साफ पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो छिंदवाड़ा नगर निगम का घेराव कर उग्र आंदोलन किया जाएगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इंदौर जैसी किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है या समय रहते जागता है।

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