जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में हुए भीषण क्रूज हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन संचालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच और बचे हुए यात्रियों के बयानों से सामने आया है कि यह हादसा महज 10 मिनट के भीतर हुआ।
शाम करीब 6 बजे अचानक तेज हवा और ऊंची लहरों के कारण हालात बिगड़ने लगे। इसी दौरान क्रू मेंबर्स ने यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए कहा, लेकिन कुछ ही पलों में अफरा-तफरी मच गई और क्रूज असंतुलित होकर डूबने लगा।
लाइफ जैकेट पहनने की अफरा-तफरी बनी हादसे की वजह
हादसे में सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि:
- क्रूज में लाइफ जैकेट मौजूद थीं
- लेकिन शुरुआत में किसी यात्री ने उन्हें नहीं पहना था
जैसे ही खतरे का अंदेशा हुआ, सभी लोग लाइफ जैकेट लेने के लिए क्रूज के एक ही हिस्से में जमा हो गए। अचानक वजन का संतुलन बिगड़ गया और क्रूज एक तरफ झुककर पानी में समाने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
- जिन्हें तैरना आता था वे किसी तरह बाहर निकल गए
- बाकी यात्रियों को बचाने में रेस्क्यू टीम को भारी मशक्कत करनी पड़ी
मां-बेटी की तस्वीर ने सबको भावुक किया
हादसे की सबसे दर्दनाक तस्वीर एक मां और उसकी चार साल की बेटी की रही।
बताया जा रहा है कि:
- मां ने खुद लाइफ जैकेट पहनने के साथ बेटी को भी बचाने की कोशिश की
- लेकिन दोनों क्रूज के नीचे फंस गए
करीब 12 घंटे बाद सेना के गोताखोरों ने दोनों के शव बाहर निकाले। उस समय मां अपनी बेटी को सीने से लगाए हुए थी।
इस दृश्य ने रेस्क्यू टीम और मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
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9 लोगों की मौत, कई घायल
अब तक इस हादसे में:
- 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है
- कई लोग घायल हैं
- कुछ लोगों के लापता होने की भी जानकारी सामने आई थी
हालांकि प्रशासन के अनुसार:
- 29 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है
क्रूज में कुल कितने लोग सवार थे, इसे लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, लेकिन करीब 43 यात्रियों के मौजूद होने की बात कही जा रही है।
सेना और NDRF ने चलाया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे के तुरंत बाद:
- पुलिस
- SDRF
- NDRF
- सेना की टीम
मौके पर पहुंची।
सेना के गोताखोरों ने गहरे पानी में उतरकर:
- क्रूज के हिस्सों को काटा
- अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला
यह रेस्क्यू ऑपरेशन कई घंटों तक चला और काफी चुनौतीपूर्ण माना गया।
सुरक्षा व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
यह क्रूज मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग के अधीन संचालित किया जा रहा था और पिछले लगभग 20 वर्षों से बरगी डैम में चल रहा था।
अब सवाल उठ रहे हैं कि:
- खराब मौसम के बावजूद संचालन क्यों जारी रखा गया
- यात्रियों को पहले से लाइफ जैकेट क्यों नहीं पहनाई गई
- क्षमता और सुरक्षा नियमों का पालन हुआ या नहीं
हादसे के बाद पर्यटन विभाग की कार्यप्रणाली भी जांच के घेरे में आ गई है।
मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने संभाली मोर्चा
हादसे के बाद:
- मंत्री राकेश सिंह
- पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी
मौके पर पहुंचे और पूरी रात राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी लगातार हालात की समीक्षा की और मृतकों के परिजनों को:
- ₹4-4 लाख सहायता राशि देने का ऐलान किया।
डूबा क्रूज बाहर निकाला गया
कई घंटों की मशक्कत के बाद:
- डूबे हुए क्रूज को पानी से बाहर निकाल लिया गया है
- क्रूज के अंदर कोई अतिरिक्त यात्री नहीं मिला
फिलहाल प्रशासन हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।











