निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में चल रही स्वगणना (Self-Enumeration) प्रक्रिया का आज यानी 30 अप्रैल 2026 को अंतिम दिन है। राज्य सरकार और जनगणना विभाग के मुताबिक, गुरुवार रात 12 बजे तक ऑनलाइन सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल खुला रहेगा। इसके बाद प्रदेशभर में पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर जनगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 13 दिनों में राज्य के 5 लाख 26 हजार परिवारों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्वगणना पूरी की है।
1 मई से शुरू होगा डोर-टू-डोर सर्वे
स्वगणना चरण समाप्त होने के बाद 1 मई से जनगणना का अगला चरण शुरू होगा। इसमें प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर परिवारों की जानकारी एकत्र करेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, जनगणना कार्य के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
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1.80 लाख कर्मचारी संभालेंगे जिम्मेदारी
राज्यभर में जनगणना अभियान को सफल बनाने के लिए लगभग 1.80 लाख कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये कर्मचारी अलग-अलग जिलों और ग्रामीण-शहरी क्षेत्रों में जाकर डेटा संग्रह का काम करेंगे।
प्रशासन का कहना है कि इस बार डिजिटल और पारंपरिक दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों की सही जानकारी दर्ज की जा सके।
क्या है स्वगणना प्रक्रिया?
स्वगणना यानी Self-Enumeration के तहत परिवारों को खुद ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी जानकारी भरने का अवसर दिया गया था। इसमें परिवार के सदस्यों, शिक्षा, रोजगार, आवास और अन्य जरूरी जानकारियां दर्ज करनी थीं।
सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाना था, ताकि लोगों को घर बैठे जनगणना में भाग लेने का मौका मिल सके।
अब घर-घर पहुंचेंगे प्रगणक
जो परिवार ऑनलाइन स्वगणना नहीं कर पाए हैं, उनके पास अब प्रगणक पहुंचेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। अधिकारियों ने लोगों से सहयोग करने और सही जानकारी देने की अपील की है, ताकि जनगणना का कार्य समय पर और सटीक तरीके से पूरा किया जा सके।











