Gwalior RGPV Paper Leak : ग्वालियर: राजीव गांधी प्रौद्यौगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) द्वारा आयोजित डिप्लोमा फार्मेसी की परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का ग्वालियर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही सक्रिय होकर पेपर बेचने वाले तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। यह गैंग परीक्षा से करीब 30 घंटे पहले ही व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए एक से डेढ़ हजार रुपये में पेपर बेच रही थी।
केंद्राध्यक्ष की सतर्कता से खुला राज: मामला झांसी रोड थाना क्षेत्र के आरएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी (सिथौली) का है। 6 अप्रैल को दोपहर 11 बजे से ‘हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी’ की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से पहले ही कॉलेज के केंद्राध्यक्ष भूपेंद्र सिंह कुशवाह को पेपर लीक होने की सूचना मिली। जितेंद्र मिश्रा नामक व्यक्ति ने परीक्षा नियंत्रक को वीडियो भेजकर बताया कि बाहर छात्रों के पास पहले से ही पेपर मौजूद है।
10 हजार में खरीदा, फिर वसूली के लिए बेचा: पुलिस ने सबसे पहले अंकेश धाकड़ निवासी पोहरी को हिरासत में लिया। पूछताछ में अंकेश ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि उसने यह पेपर 10 हजार रुपये में खरीदा था। अपनी लागत वसूलने और मुनाफे के चक्कर में उसने अन्य साथियों—जीतेश कुशवाह और अर्जुन धाकड़ के साथ मिलकर इसे छात्रों को बेचना शुरू कर दिया।
मुख्य सरगना की तलाश जारी: सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इस गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस अब उस मुख्य कड़ी तक पहुँचने की कोशिश कर रही है जहाँ से यह पेपर व्हाट्सएप पर लीक किया गया था। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे बड़े रैकेट का खुलासा होगा।










