निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) बिल के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। एनडीए और बीजेपी ने इसे महिला सशक्तिकरण के खिलाफ कदम बताते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
देशभर में प्रदर्शन की तैयारी
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने घोषणा की है कि महिला मोर्चा के नेतृत्व में देश के सभी जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया अभियानों के जरिए इस मुद्दे को जनता तक पहुंचाया जाएगा।
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NDA का विपक्ष पर हमला
बीजेपी नेताओं का कहना है कि विपक्ष ने महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले ऐतिहासिक अवसर को रोक दिया है। पार्टी ने इसे महिला विरोधी रवैया बताते हुए कहा कि जनता इस फैसले का जवाब आने वाले चुनावों में देगी।
चुनावी रणनीति में बड़ा मुद्दा
बीजेपी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनावों में महिला आरक्षण का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जाएगा। पार्टी इसे 2029 तक लागू होने वाले आरक्षण के अवसर के रूप में पेश कर रही है।
शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे लोकतंत्र के लिए दुर्भाग्यपूर्ण दिन बताया, जबकि जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष ने करोड़ों महिलाओं के भरोसे को तोड़ा है। बीजेपी नेताओं ने इसे “महिला शक्ति के अपमान” के रूप में परिभाषित किया है।











