Sunday, September 6, 2026
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C.G Crime : दुर्ग में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा! म्यूल खातों के जरिए 1.88 करोड़ पार, 11 गिरफ्तार

दुर्ग :  छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मोहन नगर और सुपेला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने म्यूल खातों के जरिए संचालित एक संगठित ठगी नेटवर्क का खुलासा करते हुए 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने 250 से अधिक संदिग्ध बैंक खातों के माध्यम से करीब 1 करोड़ 88 लाख 67 हजार 554 रुपये का लेनदेन किया।

म्यूल खातों से चल रहा था ठगी का खेल

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर और छिपाने के लिए कर रहा था। एएसपी मणिशंकर चंद्रा ने बताया कि भारत सरकार के समन्वय पोर्टल से मिली जानकारी के आधार पर कर्नाटका बैंक और फेडरल बैंक के खातों की जांच की गई। इसमें पता चला कि कई खाताधारक लालच या कमीशन के बदले अपने खाते अपराधियों को उपलब्ध करा रहे थे।
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250 से ज्यादा संदिग्ध खाते जांच के दायरे में

जांच में सामने आया कि इन खातों के जरिए बड़ी मात्रा में अवैध लेनदेन किया गया। पुलिस अब इन खातों से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है, ताकि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

पहले भी हो चुकी हैं बड़ी गिरफ्तारियां

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2026 के पहले चार महीनों में ही ऐसे मामलों में 150 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि साइबर ठगी का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है और इसमें स्थानीय स्तर पर भी लोग शामिल हो रहे हैं।

क्या होता है म्यूल अकाउंट?

म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल साइबर अपराधी धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध कार्यों के लिए करते हैं। अक्सर ये खाते किसी आम व्यक्ति के नाम पर होते हैं, जिन्हें कमीशन या झांसा देकर इस्तेमाल किया जाता है, ताकि असली अपराधी बच सके।

पुलिस की अपील: सतर्क रहें

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड या ओटीपी की जानकारी किसी के साथ साझा न करें। किसी भी लालच में आकर अपना खाता उपलब्ध कराना भी अपराध की श्रेणी में आता है और इसके गंभीर कानूनी परिणाम हो सकते हैं।

दुर्ग में सामने आया यह मामला साफ संकेत देता है कि साइबर अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

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