निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : बागेश्वर धाम सरकार के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री इन दिनों ऑस्ट्रेलिया के 15 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवास पर हैं। इस दौरान देश के अलग-अलग शहरों में उनके धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पर्थ शहर में आयोजित हनुमंत कथा ने खासा ध्यान आकर्षित किया।
इस आयोजन में प्रवासी भारतीयों के साथ-साथ स्थानीय ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्म के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
हनुमंत कथा में बना भक्तिमय माहौल
पर्थ में आयोजित इस कथा के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर हो गया। जैसे ही बागेश्वर महाराज ने कथा और भजनों की प्रस्तुति दी, सभागार में मौजूद लोग भाव-विभोर हो उठे।यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि एक सांस्कृतिक उत्सव का रूप लेता नजर आया।
भजनों पर झूमे विदेशी श्रद्धालु
कार्यक्रम का सबसे खास पहलू तब सामने आया जब विदेशी श्रद्धालु भी भजनों की धुन पर झूमते नजर आए।
- कई लोग भक्ति में डूबकर नृत्य करते दिखे
- माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक और उत्साहपूर्ण हो गया
- भारतीय और विदेशी संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला
यह दृश्य इस बात का प्रमाण है कि सनातन संस्कृति अब सीमाओं से परे वैश्विक पहचान बना रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं और भारतीय संस्कृति के इस वैश्विक प्रभाव की सराहना कर रहे हैं।
Read more : धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को न्यू साउथ वेल्स संसद में मिला विशेष सम्मान, संसद ने जताया आभार
वीडियो में दिख रहा उत्साह और श्रद्धा दर्शाता है कि भारतीय आध्यात्मिक परंपराएं अब दुनिया के कोने-कोने तक पहुंच रही हैं।
सांस्कृतिक सेतु बना आयोजन
यह आयोजन भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव का एक मजबूत उदाहरण बनकर उभरा है। ऐसे कार्यक्रम न केवल भारतीय समुदाय को जोड़ते हैं, बल्कि अन्य देशों के लोगों को भी भारतीय संस्कृति को समझने का अवसर देते हैं।
पर्थ में आयोजित हनुमंत कथा और उसमें उमड़ी श्रद्धा यह दर्शाती है कि सनातन संस्कृति अब वैश्विक स्तर पर अपनी गहरी छाप छोड़ रही है। बागेश्वर महाराज का यह दौरा भारतीय आध्यात्म को विश्व मंच पर नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रहा है।











