निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश में रबी सीजन की सबसे अहम प्रक्रिया यानी गेहूं उपार्जन 10 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रहा है। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में पहले चरण में खरीदी शुरू होगी, जबकि अन्य संभागों में 15 अप्रैल से यह प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
खरीदी को लेकर पूरी तैयारी
राज्य सरकार ने गेहूं उपार्जन को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार बारदाने की कमी को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश को 50,000 जूट की गांठों का अतिरिक्त आवंटन दिया है। साथ ही HDP/PP बैग और जूट बारदाने के उपयोग की अनुमति भी मिल गई है।
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MSP के साथ बोनस का लाभ
इस वर्ष किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल दिया जाएगा। इसके साथ ही राज्य सरकार द्वारा 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
रिकॉर्ड पंजीयन और बढ़ा रकबा
वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन में 19.04 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले साल से 3.60 लाख अधिक है। वहीं पंजीकृत रकबा भी बढ़कर 41.58 लाख हेक्टेयर हो गया है।
भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था
प्रदेश में करीब 400 लाख मीट्रिक टन की भंडारण क्षमता उपलब्ध है। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर गोदामों में 120% तक भंडारण की अनुमति दी गई है, जिससे खरीदी में कोई बाधा न आए।
इस साल का लक्ष्य
सरकार ने इस बार 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष के 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक है। किसानों के पंजीकृत रकबे का सत्यापन तेजी से किया जा रहा है, जिसके बाद स्लॉट बुकिंग की प्रक्रिया शुरू होगी।









