सिंगरौली – सिंगरौली नगर निगम में भ्रष्टाचार और लापरवाही की एक और तस्वीर सामने आई है। वार्ड क्रमांक 41, गनियारी स्थित गौतम बुद्ध गली में लगभग 5 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही पीसीसी सड़क विवादों में घिर गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि यह न चलने लायक है और न ही देखने लायक। जनता इसे नगर निगम के धन का खुला दुरुपयोग बता रही है।
निजी स्वार्थ के लिए निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण आम जनता के हित में नहीं बल्कि किसी खास व्यक्ति को लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया। सात घरों का रास्ता पूरी तरह प्रभावित है, लेकिन वहां सड़क नहीं बनाई गई। इससे स्पष्ट होता है कि नगर निगम का उद्देश्य विकास नहीं बल्कि निजी स्वार्थ की पूर्ति है।
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इंजीनियर और अधिकारियों की लापरवाही
स्थानीय निवासियों ने बताया कि निर्माण कार्य पर नगर निगम इंजीनियर और अधिकारी पूरी तरह से निगरानी नहीं रखे, जिससे ठेकेदार मनमर्जी से सड़क बना रहा है। जब ठेकेदार से गुणवत्ता के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा कि उसे यह जानकारी ही नहीं है कि सड़क घटिया बन रही है। इससे यह सवाल उठता है कि जिस ठेकेदार को अपने ही निर्माण की गुणवत्ता का अंदाजा नहीं, उसे ठेका नगर निगम ने कैसे दिया?
सड़क दलदल और कीचड़ में बदलने की आशंका
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बारिश के मौसम में यह सड़क दलदल और कीचड़ में बदल जाएगी, जिससे गुजरना मुश्किल होगा। लोगों का आरोप है कि नगर निगम और ठेकेदार की मिलीभगत से जनता का पैसा बर्बाद किया जा रहा है।
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जांच और कार्रवाई की मांग
आक्रोशित स्थानीय लोगों ने जिला कलेक्टर और निगम आयुक्त से तत्काल जांच कराने की मांग की है। जनता ने चेतावनी दी है कि यदि जिम्मेदार ठेकेदार और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
प्रशासन की उदासीनता
नगर निगम सिंगरौली की कमिशनर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या नगर निगम प्रशासन जनता की समस्याओं से भाग रहा है?











