Indore Bus Vandalism: इंदौर में बसों में तोड़फोड़ करने वाले चार बदमाश गिरफ्तार, भंवरकुआ क्षेत्र में निकाला गया जुलूस; दो आरोपी अब भी फरार

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Indore Bus Vandalism: इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में बसों में तोड़फोड़ और गुंडागर्दी करने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। भंवरकुआ थाना क्षेत्र में बसों में तोड़फोड़ करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। वहीं, मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

बस मालिकों के विवाद ने लिया हिंसक रूप

Indore Bus Vandalism: पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला बस संचालकों और बस मालिकों के बीच लंबे समय से चले आ रहे आपसी विवाद का नतीजा है। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने बसों को निशाना बनाते हुए तोड़फोड़ की और इलाके में दहशत फैलाने का प्रयास किया।घटना के बाद बस ऑपरेटरों में नाराजगी फैल गई थी। उन्होंने पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

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चार आरोपी गिरफ्तार, दो की तलाश जारी

Indore Bus Vandalism: इंदौर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ललित, राजा, राहुल और नीरज के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने भंवरकुआ थाना क्षेत्र में एक बस में तोड़फोड़ की थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी वाहनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं हुई हैं। उन मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर जांच की जा रही है।

बदमाशों का निकाला गया जुलूस

Indore Bus Vandalism: कानून व्यवस्था का संदेश देने के लिए पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों का भंवरकुआ क्षेत्र में पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य शहर में असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश देना था कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

डीसीपी बोले- गुंडागर्दी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

Indore Bus Vandalism: डीसीपी सुनील मेहता ने कहा कि इंदौर में शांति व्यवस्था भंग करने या कानून अपने हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। शहर में गुंडागर्दी और तोड़फोड़ जैसी घटनाओं पर पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई कर रही है।उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।

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अन्य मामलों की भी हो रही जांच

Indore Bus Vandalism: पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का किसी अन्य आपराधिक गिरोह से संबंध तो नहीं है और क्या बसों में तोड़फोड़ की घटनाएं किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थीं। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Antim: The Final Truth: सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो: थिएटर्स में पोस्टर पर दूध की बौछार करने वाले फैंस को सलमान की नसीहत

Antim: The Final Truth: मुंबई। बॉलीवुड के दिग्गज सुपरस्टार सलमान खान ने अपने प्रशंसकों (फैंस) की अति-दीवानगी और उसके कारण होने वाले संसाधनों के नुकसान पर गहरा विधिक व सामाजिक ऐतराज जताया है। अभिनेता की हालिया रिलीज फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ को लेकर देश भर के सिनेमाघरों में प्रशंसकों का उत्साह चरम पर है, लेकिन इस उत्साह की आड़ में सार्वजनिक स्थलों पर हो रही विसंगतियों ने अभिनेता को विचलित कर दिया है।

रविवार को सलमान खान ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए अपने करोड़ों प्रशंसकों से हाथ जोड़कर एक विशेष विधिक व नैतिक आग्रह किया है कि वे थिएटर्स में लगे उनके पोस्टर्स पर दूध की बर्बादी कतई न करें।

 

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सिख अवतार वाले पोस्टर पर दूध की बौछार देख परेशान हुए भाईजान, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक संदेश

साझा किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि सिनेमा हॉल परिसर के भीतर प्रशंसक सलमान खान के सिख कॉप (पुलिस अधिकारी) वाले ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ के बड़े पोस्टर पर बाल्टियों और पैकेटों से दूध की बौछार कर रहे हैं। देश में व्याप्त कुपोषण और गरीबी के बीच दूध की इस कदर खुली बर्बादी को देखकर सलमान खान बेहद परेशान हो गए।

उन्होंने इस पर विधिक व तार्किक टिप्पणी करते हुए अपने पोस्ट में लिखा, “देश में ऐसे कई इलाके और लोग हैं जिन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं होता, और आप लोग इस तरह दूध बर्बाद कर रहे हैं। यदि आप सचमुच मुझसे प्रेम करते हैं और कुछ अर्पण करना ही चाहते हैं, तो मेरा अपने सभी प्रशंसकों से विधिक अनुरोध है कि यह दूध उन गरीब और जरूरतमंद बच्चों को पिलाएं, जिन्हें पोषण नहीं मिल पाता।”

सिनेमा हॉल में आतिशबाजी पर भी जता चुके हैं कड़ा विधिक एतराज, सुरक्षा को बताया था सर्वोपरि

यह पहला मौका नहीं है जब सलमान खान ने अपनी ही फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान प्रशंसकों के हुड़दंग पर चिंता व्यक्त की है। इससे ठीक पहले, ‘अंतिम’ की स्क्रीनिंग के दौरान एक पैक सिनेमा हॉल के भीतर प्रशंसकों द्वारा रॉकेट और पटाखे फोड़े जाने का वीडियो सामने आया था।

उस समय भी सलमान खान ने विधिक अग्नि सुरक्षा नियमों (Fire Safety Rules) का हवाला देते हुए कड़ी चेतावनी जारी की थी कि सिनेमाघरों के भीतर पटाखों का उपयोग जानलेवा साबित हो सकता है। थिएटर मालिकों को भी ऐसे तत्वों पर विधिक रूप से रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे।

महेश मांजरेकर के निर्देशन में बनी है फिल्म, आयुष शर्मा भी मुख्य भूमिका में

उल्लेखनीय है कि फिल्म ‘अंतिम: द फाइनल ट्रुथ’ का निर्देशन जाने-माने फिल्मकार महेश मांजरेकर ने किया है। इस विधिक कमर्शियल प्रोजेक्ट में सलमान खान के साथ उनके बहनोई और अभिनेता आयुष शर्मा भी लीड विलेन के तौर पर मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को मिल रही बेहतरीन प्रतिक्रिया के बीच सलमान खान का यह सामाजिक और विधिक संदेश इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसकी देश भर के प्रबुद्ध नागरिकों और सामाजिक संस्थाओं द्वारा भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है।

Chhattisgarh News: नकटी गांव में कार्रवाई का विरोध करेगी कांग्रेस, दीपक बैज ने कहा – गरीबों के घर तोड़कर MLA के लिए मकान बना रही सरकार

Chhattisgarh News: रायपुर। माना इलाके के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए आज अवैध घरों को तोड़ा जा रहा है। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सरकार गरीबों के आवास तोड़कर विधायकों के लिए घर बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, ऐसे में गरीबों के घर तोड़ना उचित नहीं है। कांग्रेस इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करेगी।

Chhattisgarh News: बस्तर के मुद्दे पर बोलते हुए बैज ने कहा कि इंद्रावती नदी और प्रसिद्ध जलप्रपात का जलस्तर लगातार घट रहा है। हालात ऐसे बने कि सरकार को पानी छोड़ना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार को छत्तीसगढ़ के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

Chhattisgarh News: 2028 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी : बैज

Chhattisgarh News: चुनाव को लेकर भी दीपक बैज ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चुनाव किस तरह हुए, यह सभी जानते हैं। उनका आरोप था कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक कांग्रेस ने काम किया, लेकिन केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर माहौल प्रभावित किया गया। उन्होंने कहा कि ED और CBI का उपयोग राजनीतिक माहौल बनाने के लिए किया गया। बैज ने दावा किया कि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर रहे हैं। वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

Politics News: रायपुर में कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, पवन खेड़ा ने उठाए कई सवाल, कहा -अयोध्या की लूट तो झांकी है, मथुरा काशी लूटना बाकी है…

Politics News: रायपुर : रायपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार, भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति, महंगाई, बेरोजगारी और अन्य मुद्दों को लेकर सवाल उठाए।

Politics News: खेड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि वे किन देशों या चुनौतियों से नहीं डरते। उन्होंने चीन, पाकिस्तान और नेपाल का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े किए। साथ ही सरकार और आरएसएस की कार्यशैली पर भी निशाना साधा।

Politics News: राम मंदिर चोरी मामले पर टिप्पणी

Politics News: राम मंदिर में कथित चोरी के मामले का जिक्र करते हुए पवन खेड़ा ने कहा, “अयोध्या की लूट तो झांकी है, मथुरा-काशी लूटना बाकी है।” इस बयान के जरिए उन्होंने भाजपा पर धार्मिक मुद्दों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप लगाया।

Politics News: चीन और विदेश नीति पर सवाल

खेड़ा ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले चीन के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही थी, लेकिन अब चीन का प्रभाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की विदेश नीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रही है।

Politics News: महंगाई और जनता के मुद्दों का उठाया सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि सरकार स्मार्ट मीटर, रेत माफिया, महंगाई, बेरोजगारी और छात्रों की समस्याओं जैसे अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विवाद खड़े कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने **’छात्रों की गूंज’** अभियान शुरू किया है, जिसके जरिए छात्रों और युवाओं की समस्याओं को उठाया जाएगा।

Politics News: आरएसएस और बुलडोजर कार्रवाई पर टिप्पणी

खेड़ा ने आरएसएस प्रमुख के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि बुलडोजर कार्रवाई की बात होती है, तो क्या यह सभी पर समान रूप से लागू होगी।

Politics News: विदेश दौरों और मीडिया पर भी बोले

Politics News: उन्होंने प्रधानमंत्री के विदेश दौरों और पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। साथ ही कहा कि मीडिया का दायित्व सत्ता से सवाल पूछना और जनता के मुद्दों को प्रमुखता देना है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मीडिया की निष्पक्षता की सराहना करते हुए राष्ट्रीय मीडिया से भी निष्पक्ष पत्रकारिता की उम्मीद जताई।

Indore Drug Case: इंदौर में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई 265 ग्राम ब्राउन शुगर, 8 किलो गांजा, 19 लाख नकद और 22 जिंदा कारतूस बरामद, अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा

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Indore Drug Case: इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। द्वारकापुरी थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए एक कुख्यात और लंबे समय से सक्रिय मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के घर से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, नकदी और कारतूस बरामद कर पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

पूछताछ से खुला मुख्य आरोपी तक का रास्ता

Indore Drug Case:  पुलिस के अनुसार, 22 जून को गिरफ्तार किए गए आरोपी लकी नाथ से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पूछताछ में मुख्य आरोपी चेतन नाथ का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने तकनीकी और मुखबिर तंत्र की मदद से राजवाड़ा क्षेत्र में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।यह कार्रवाई नशे के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।

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घर से मिला करोड़ों का अवैध सामान

पुलिस ने जब आरोपी चेतन नाथ के घर की तलाशी ली तो वहां से भारी मात्रा में अवैध सामग्री बरामद हुई, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। बरामद सामान में शामिल है—लगभग 265 ग्राम उच्च गुणवत्ता की ब्राउन शुगर
करीब 8 किलोग्राम गांजा
19 लाख रुपये नकद राशि
नोट गिनने की मशीन
22 जिंदा कारतूस

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मौके से कोई हथियार नहीं मिला है, लेकिन कारतूस की बरामदगी से कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

लंबे समय से चल रहा था अवैध कारोबार

Indore Drug Case:  प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी चेतन नाथ लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी के अवैध धंधे में सक्रिय था। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र तथा धार जिले के नौगांव थाने के मामलों में फरार चल रहा था।

पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू

पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि—

नशीला पदार्थ कहां से लाया जाता था
किन-किन सप्लाय चैनलों के माध्यम से वितरण होता था
किन शहरों और राज्यों तक इसका नेटवर्क फैला हुआ है
इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य सहयोगी कौन-कौन हैं

इसके साथ ही पुलिस आर्थिक लेन-देन और हवाला कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

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इंदौर में नशे के खिलाफ सख्त अभियान

Indore Drug Case: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शहर में नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। इस तरह के मामलों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में और भी बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।इस कार्रवाई के बाद इंदौर के नशा तस्करी नेटवर्क में हड़कंप मच गया है और पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

Bilaspur Data Leak: 5 हजार में खरीदा 1 लाख लोगों का डेटा, लोन के नाम पर ठगी का खेल

Bilaspur Data Leak: बिलासपुर: बिलासपुर में लोगों के मोबाइल नंबर और निजी जानकारी खरीदकर लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन पुलिस ने ट्रस्ट फाइनेंशियल सर्विसेस की संचालिका उषा कश्यप समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच में पता चला कि आरोपियों ने करीब एक लाख लोगों का मोबाइल डेटा सिर्फ 5 हजार रुपये में खरीदा था। इस डेटा का इस्तेमाल लोगों को पर्सनल लोन, होम लोन, बिजनेस लोन और वाहन लोन का लालच देकर कॉल करने के लिए किया जा रहा था।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की। बताया जा रहा है कि लोन ऑफर का कॉल बिलासपुर के आईजी तक भी पहुंचा था। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की गई और डेटा खरीद-बिक्री का खुलासा हुआ।

पूछताछ में आरोपी अमन राठौर ने बताया कि उसे यह डेटा शेख जुनैद खान देता था। वहीं, जुनैद ने बताया कि वह रियल एस्टेट के काम के बहाने लोगों से मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी जुटाता था। इसके अलावा सरकारी विभागों, ऑनलाइन डायरेक्टरी और अन्य स्रोतों से भी नंबर इकट्ठा किए जाते थे। बाद में इनका डेटाबेस बनाकर बेचा जाता था।

Bilaspur Data Leak: पुलिस को शक है कि इस मामले में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल आरोपियों के मोबाइल, लैपटॉप और अन्य डिजिटल उपकरणों की जांच की जा रही है।

Bilaspur Data Leak: पुलिस की सलाह: किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को अपना मोबाइल नंबर, आधार, पैन, बैंक की जानकारी या ओटीपी साझा न करें। अगर कोई लोन या इनाम का लालच देकर जानकारी मांगे, तो पहले उसकी जांच करें। किसी भी साइबर ठगी की शिकायत तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में करें।

केतन से करोड़ों लेकर सिया ने चेतन को पहुंचाए पैसे? बाली ट्रिप से पहले का बड़ा खुलासा

Ketan Agrawal Murder Case:  केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नए दावे सामने आ रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे कई तथ्य मिले हैं, जो इस पूरे मामले को और गंभीर बना रहे हैं। हालांकि इन दावों की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और जांच पूरी होने के बाद ही होगी।

केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच कर रही पुलिस का दावा है कि सिया ने शादी की खरीदारी के नाम पर केतन से करीब एक करोड़ रुपये लिए थे। पुलिस का आरोप है कि यह रकम शॉपिंग पर खर्च नहीं हुई, बल्कि प्रेमी चेतन चौधरी को दे दी गई। फिलहाल इस वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों की जांच जारी है।

कैब ड्राइवर के बयान से जांच को नई दिशा
केतन अग्रवाल मर्डर केस में एयरपोर्ट तक छोड़ने वाले कैब चालक वैभव जाधव का बयान भी जांच का अहम हिस्सा बन गया है। उसके अनुसार, बाली यात्रा के दौरान सिया यात्रा को लेकर उत्साहित नहीं दिख रही थी। उसने यह भी दावा किया कि रास्ते में कुछ सामान गाड़ी से निकालकर अलग रखा गया था। बाद में केतन का पासपोर्ट नहीं मिलने की बात भी सामने आई।

पुलिस के अनुसार पहले से बनाई गई थी योजना
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस का कहना है कि घटना से एक दिन पहले सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, यहीं कथित रूप से पूरी योजना तैयार की गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दोनों पहले भी लोहगढ़ किले जाकर घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके थे या नहीं।
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स्कूटर और हूडी से बचाने की कोशिश
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस ने दावा किया है कि चेतन चौधरी कार की जगह स्कूटर से करीब 90 किलोमीटर की दूरी तय कर लोहगढ़ किले पहुंचा। पुलिस का मानना है कि ऐसा टोल प्लाजा पर रिकॉर्ड बनने से बचने के लिए किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसने रास्ते में कपड़े बदलकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की।

इशारे के बाद धक्का देने का दावा
केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन सिया ने पानी पीने या जूते का फीता बांधने का बहाना बनाया और वहीं बैठकर चेतन को संकेत दिया। इसके बाद पीछे चल रहे चेतन ने कथित तौर पर केतन को खाई की ओर धक्का दिया। पुलिस का कहना है कि इस दावे की पुष्टि के लिए घटनास्थल पर सीन रीक्रिएट किया गया।

वकीलों के अलग-अलग दावे
केतन अग्रवाल मर्डर केस में बचाव पक्ष लगातार पुलिस के दावों पर सवाल उठा रहा है। बचाव पक्ष का कहना है कि पुलिस हिरासत में दिए गए बयान अदालत में स्वतः स्वीकार्य सबूत नहीं होते। वहीं परिवार की ओर से भी कुछ वकीलों की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इन सभी पहलुओं पर अंतिम फैसला अदालत में सुनवाई के दौरान होगा।

जांच में सामने आई घटनाओं की टाइमलाइन
केतन अग्रवाल मर्डर केस की जांच के अनुसार, 31 मई से 18 जून के बीच कई घटनाएं हुईं। पुलिस का दावा है कि पहले कथित योजना बनी, फिर लोहगढ़ किले पर जाने की कोशिश हुई और अंत में 18 जून को घटना हुई। पुलिस अब डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन, मोबाइल डेटा और अन्य तकनीकी सबूतों की भी जांच कर रही है।

अभी जांच जारी, अदालत का फैसला अहम
केतन अग्रवाल मर्डर केस अभी जांच के दौर में है। पुलिस अपने दावों के समर्थन में सबूत जुटाने में लगी है, जबकि आरोपियों को अदालत में अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है। मामले की अंतिम सच्चाई न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह केस पुलिस जांच, फोरेंसिक रिपोर्ट और अदालत की कार्यवाही पर टिका हुआ है।

राम मंदिर विवाद के बाद बड़ा सवाल! आखिर किस मंदिर का चढ़ावा प्रबंधन सबसे सुरक्षित और पारदर्शी ?

Temple Donation Management System: मंदिर चढ़ावा प्रबंधन इन दिनों देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि देश के बड़े मंदिरों में आने वाले करोड़ों रुपये के दान की सुरक्षा आखिर कैसे की जाती है। नकद, सोना, चांदी और कीमती वस्तुओं का हिसाब किस तरह रखा जाता है और कौन इसकी निगरानी करता है? यही सवाल अब धार्मिक संस्थाओं की पारदर्शिता पर नई बहस को जन्म दे रहा है।

हर मंदिर का सिस्टम अलग, लेकिन लक्ष्य एक
मंदिर चढ़ावा प्रबंधन का कोई एक राष्ट्रीय मॉडल नहीं है। भारत के प्रमुख मंदिरों ने समय के साथ अपनी जरूरतों और कानूनी व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग सिस्टम विकसित किए हैं। कहीं पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो चुकी है, तो कहीं सीसीटीवी, नोट गिनने वाली मशीनों और नियमित ऑडिट के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित की जाती है। कई मंदिरों में दान की गिनती अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों की मौजूदगी में होती है।

तिरुपति बालाजी: सबसे मजबूत मॉडल क्यों माना जाता है?
विशेषज्ञों के अनुसार मंदिर चढ़ावा प्रबंधन के मामले में तिरुपति बालाजी मंदिर का सिस्टम सबसे विकसित माना जाता है। यहां दान की गिनती हाईस्पीड मशीनों से होती है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में रहती है। नकद, विदेशी मुद्रा, सोना और चांदी का अलग-अलग रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। गिनती पूरी होने के बाद राशि सीधे बैंक में जमा होती है। लेखा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थाओं की मदद भी ली जाती है।
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काशी विश्वनाथ में तय प्रक्रिया से होता है हर चढ़ावे का हिसाब
मंदिर चढ़ावा प्रबंधन के तहत काशी विश्वनाथ धाम में दानपात्रों को तय समय पर खोला जाता है। अधिकारियों और महिला सेवादारों की मौजूदगी में नकद और कीमती वस्तुओं की गिनती होती है। पूरी प्रक्रिया कैमरों की निगरानी में होती है और प्रत्येक दान का आधिकारिक रिकॉर्ड तैयार किया जाता है। सरकारी स्तर पर ऑडिट की व्यवस्था भी पारदर्शिता को मजबूत बनाती है।

सिद्धिविनायक और शिरडी में डिजिटल व्यवस्था पर जोर
मुंबई के सिद्धिविनायक और महाराष्ट्र के शिरडी साईं बाबा मंदिर ने मंदिर चढ़ावा प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ा है। यहां श्रद्धालु नकद के साथ ऑनलाइन, यूपीआई, कार्ड और बैंक ट्रांसफर के जरिए भी दान कर सकते हैं। नियमित ऑडिट, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रैकिंग की वजह से हर लेनदेन का पूरा हिसाब रखा जाता है। इससे वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों मजबूत होती हैं।

महाकाल मंदिर में सुरक्षा पर खास फोकस
उज्जैन के महाकाल मंदिर में मंदिर चढ़ावा प्रबंधन के तहत सुरक्षा को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में दानपात्र लगाए गए हैं, जिन पर चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहती है। दानपात्र खोलने से लेकर गिनती तक पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होती है। गिनती करने वाले कर्मचारियों के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना न रहे।

राम मंदिर विवाद से क्या सीख मिलती है?
विश्लेषण के आधार पर देखा जाए तो मंदिर चढ़ावा प्रबंधन केवल सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि यह भरोसे और पारदर्शिता का भी सवाल है। यदि किसी मंदिर में दान को लेकर विवाद सामने आता है तो उसका असर केवल संबंधित ट्रस्ट पर नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं के विश्वास पर भी पड़ता है। इसलिए मजबूत निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड, नियमित ऑडिट और स्पष्ट जवाबदेही अब हर बड़े धार्मिक संस्थान की जरूरत बन चुकी है।

क्या देशभर में एक समान व्यवस्था की जरूरत है?
विशेषज्ञों का मानना है कि मंदिर चढ़ावा प्रबंधन के लिए एक न्यूनतम राष्ट्रीय मानक तैयार किया जा सकता है। इसमें सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल रिकॉर्ड, नियमित ऑडिट, बैंकिंग प्रक्रिया और स्वतंत्र निरीक्षण जैसी व्यवस्थाएं शामिल हों। हालांकि अलग-अलग मंदिरों की कानूनी स्थिति और प्रशासनिक ढांचा अलग होने के कारण एक जैसा मॉडल लागू करना आसान नहीं होगा, लेकिन पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

राम मंदिर से जुड़े विवाद ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि करोड़ों रुपये के दान का प्रबंधन केवल धार्मिक नहीं बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी भी है। तिरुपति, काशी विश्वनाथ, सिद्धिविनायक, शिरडी और महाकाल जैसे मंदिरों ने अपने-अपने स्तर पर मजबूत व्यवस्थाएं बनाई हैं। फिर भी समय-समय पर तकनीकी सुधार, स्वतंत्र ऑडिट और पारदर्शी व्यवस्था ही श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने की सबसे बड़ी कुंजी होगी।

Crime Update CG: दुर्ग के इंदिरा मार्केट में चल रहे देह व्यापार नेटवर्क का पर्दाफाश— जलाराम रेस्टोरेंट के ऊपर बने कमरों में पुलिस की दबिश; 3 युवतियां और 2 खरीदार गिरफ्तार

Crime Update CG: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला मुख्यालय से एक बड़ी और सनसनीखेज आपराधिक खबर सामने आई है। शहर के सबसे व्यस्ततम और रिहायशी व्यावसायिक क्षेत्र इंदिरा मार्केट में स्थित ‘जलाराम रेस्टोरेंट और लॉज’ की आड़ में लंबे समय से संचालित हो रहे एक अनैतिक देह व्यापार (सेक्स रैकेट) का पुलिस ने विधिक रूप से भंडाफोड़ किया है। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों से लगातार मिल रही गोपनीय शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दुर्ग सीएसपी (नगर पुलिस अधीक्षक) श्री हर्षित मेहर के कुशल नेतृत्व में गठित विशेष पुलिस टीम ने रविवार दोपहर को सुनियोजित विधिक घेराबंदी कर रेस्टोरेंट परिसर में अचानक दबिश दी।

इस हाईप्रोफाइल छापामार विधिक कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक परिस्थितियों में 3 युवतियों (लड़कियों) और 2 पुरुष ग्राहकों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

नीचे चलती थी आइसक्रीम की दुकान, ऊपर के गुप्त कमरों में होता था अनैतिक कृत्य

नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त विधिक विवरण के अनुसार, यह पूरा अवैध नेटवर्क सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत इंदिरा मार्केट स्थित जलाराम रेस्टोरेंट में फल-फूल रहा था। शातिर संचालकों ने पुलिस और समाज की नजरों से बचने के लिए एक अनोखा विधिक मुखौटा तैयार कर रखा था।

रेस्टोरेंट के जमीनी तल (ग्राउंड फ्लोर) पर बकायदा एक आधुनिक आइसक्रीम शॉप संचालित होती थी, जहां आम परिवारों और बच्चों का आना-जाना लगा रहता था। वहीं, इसी दुकान की आड़ लेकर ऊपरी मंजिल पर बने गुप्त लॉज के कमरों में अनैतिक व्यापार का घिनौना विधिक खेल खेला जा रहा था।

डिजिटल फिल्टरेशन से एंट्री: सिर्फ मोबाइल में सेव नंबर वाले पुराने ग्राहकों का ही था विधिक प्रवेश

पुलिस की विधिक विवेचना में यह चौंकाने वाला सच भी सामने आया है कि इस रैकेट के संचालक बेहद शातिर और तकनीकी रूप से सतर्क थे। पुलिस के बिछाए जाल और मुखबिरों से बचने के लिए उन्होंने एक कड़ा सुरक्षा घेरा बना रखा था। लॉज के भीतर केवल उन्हीं चुनिंदा और पुराने ग्राहकों को विधिक प्रवेश (एंट्री) दी जाती थी, जिनके मोबाइल नंबर और नाम संचालक के फोन बुक में पहले से सेव (सुरक्षित) थे।

किसी भी नए या अज्ञात व्यक्ति को लॉज के भीतर फटकने तक नहीं दिया जाता था ताकि पुलिसिया कार्रवाई और भंडाफोड़ से बचा जा सके। रविवार दोपहर करीब 3 बजे जब पुलिस की 3 गाड़ियां अचानक इंदिरा मार्केट पहुंचीं, तो इस डिजिटल सुरक्षा चक्र को भेदते हुए सीएसपी हर्षित मेहर की टीम ने पूरे परिसर को चारों तरफ से विधिक रूप से ब्लॉक कर दिया।

पीटा एक्ट (PITA) के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई, मुख्य संचालक से गहन पूछताछ जारी

दबिश के दौरान पुलिस ने कमरों की सघन विधिक तलाशी ली, जहां से कई आपत्तिजनक सामग्रियां, मोबाइल फोन और नकदी विधिक रूप से जब्त की गईं। पुलिस टीम वर्तमान में मुख्य लॉज संचालक को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाने में गहन विधिक पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह अनैतिक कारोबार कब से संचालित था और इसके तार किन-किन अन्य सफेदपोशों से जुड़े हैं।

नगर पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम (पीटा एक्ट) की विभिन्न सुसंगत और कड़ी विधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है।

Chhattisgarh Electricity Bill: बिजली उपभोक्ताओं को राहत: अब लेट बिल जमा करने पर जितने दिन की देरी, उतने दिन का ही लगेगा ब्याज

Chhattisgarh Electricity Bill: रायपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 66 लाख बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब बिजली बिल तय तारीख के बाद जमा करने पर पूरे महीने का लेट पेमेंट सरचार्ज नहीं देना होगा। नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता जितने दिन भुगतान में देरी करेगा, केवल उतने ही दिनों का अधिभार (ब्याज) लिया जाएगा।

Chhattisgarh Electricity Bill: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में प्रसारित हो रही ‘रोजाना ब्याज’ या ‘दोहरा झटका’ जैसी खबरें भ्रामक हैं। कंपनी के अनुसार राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) के नए नियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना नहीं, बल्कि उन्हें राहत देना है।

Chhattisgarh Electricity Bill: पहले क्या था नियम?

Chhattisgarh Electricity Bill: अब तक यदि कोई उपभोक्ता बिजली बिल की निर्धारित तिथि से एक-दो दिन भी देर से भुगतान करता था, तो उससे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज वसूला जाता था। यानी कम देरी होने पर भी पूरे महीने का अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता था।

अब क्या बदलेगा?

नई व्यवस्था के तहत लेट पेमेंट अधिभार प्रतिदिन के आधार पर लगेगा। इसके लिए 0.04 प्रतिशत प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। यानी जितने दिन की देरी होगी, उसी अवधि का ब्याज लिया जाएगा।

उदाहरण के तौर पर यदि कोई उपभोक्ता एक दिन देरी से बिल जमा करता है, तो उसे केवल 0.04 प्रतिशत अधिभार देना होगा। वहीं यदि 30 दिन बाद भुगतान किया जाता है, तब भी कुल 1.2 प्रतिशत (0.04 × 30 दिन) का ही अधिभार लगेगा, जो पहले के 1.5 प्रतिशत मासिक सरचार्ज से कम है।

उपभोक्ताओं को कैसे मिलेगा फायदा?

नई व्यवस्था से कम दिनों की देरी पर अतिरिक्त भुगतान काफी कम हो जाएगा। वहीं पूरे 30 दिन की देरी होने पर भी उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में कम अधिभार देना पड़ेगा। इससे बिजली बिल के लेट पेमेंट को लेकर उपभोक्ताओं पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ घटेगा।

Chhattisgarh Electricity Bill: अफवाहों से बचने की अपील

Chhattisgarh Electricity Bill: पावर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था में अधिभार की दर बढ़ाई नहीं गई है, बल्कि पहले की तुलना में कम हुई है। इसलिए इसे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ या रोजाना बढ़ने वाला नया ब्याज बताना तथ्यात्मक रूप से गलत है। कंपनी ने आम लोगों और मीडिया से अपील की है कि वे केवल प्रमाणिक जानकारी साझा करें, ताकि उपभोक्ताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न फैले।