Maa Baglamukhi Mahayagya : ‘निखरता छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2025’ में डॉ. प्रेमसाई महाराज हुए सम्मानित, मिर्ची महायज्ञ से बना विश्व कीर्तिमान

रायपुर। राजधानी स्थित एक प्रतिष्ठित निजी होटल में आयोजित ‘निखरता छत्तीसगढ़ कॉन्क्लेव 2025’ में माँ मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमसाई जी महाराज को 11,000 किलो सूखी लाल मिर्च से माँ बगलामुखी महायज्ञ का भव्य अनुष्ठान कर विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ की कई जानी-मानी हस्तियाँ मौजूद रहीं।

छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक धरती ने एक बार फिर अपनी आभा से संपूर्ण विश्व को आलोकित किया है। माँ मातंगी दिव्य धाम को 26 जनवरी 2025 को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड, लंदन द्वारा विशेष सम्मान से विभूषित किया गया। यह गौरव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, अपितु सम्पूर्ण भारतवर्ष की आत्मा को स्पंदित करने वाला क्षण सिद्ध हुआ था। माँ बगलामुखी महायज्ञ के माध्यम से स्थापित इस अनूठे आध्यात्मिक कीर्तिमान ने भारतीय सनातन साधना की शक्ति को विश्व पटल पर उजागर किया। जब लंदन की धरती पर भारत का नाम गूँजा, तो समूचे छत्तीसगढ़ ने भी गर्व और आस्था का आलोक अनुभव किया।

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“आगामी कुछ ही महीनों में लंदन स्थित ऐतिहासिक संसद भवन में वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन द्वारा महाराज जी को औपचारिक सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर उन्हें विश्व कीर्तिमान का प्रमाण–पत्र भेंट कर उनकी अद्वितीय साधना एवं लोककल्याणकारी अनुष्ठान की वैश्विक मान्यता अभिव्यक्त की जाएगी।”

प्रधानमंत्री मोदी की कुलदेवी मां मातंगी

अपने उद्बोधन में डॉ. प्रेमसाई जी महाराज ने बताया कि मां मातंगी, दस महाविद्याओं में से नौवीं महाविद्या मानी जाती हैं। रायपुर से 35 किलोमीटर दूर स्थित मां मातंगी धाम में तीन महाविद्याएं — मातंगी, बगलामुखी और छिन्नमस्ता विराजमान हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की कुलदेवी भी मां मातंगी हैं, जिनके दर्शन वे गुजरात स्थित मोड़ेश्वरी मातंगी मंदिर में करते हैं।

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समस्या का समाधान,पर्चा दर्शन के माध्यम

महाराज जी ने बताया कि मां मातंगी की साधना में उपवास या कठिन तप का स्थान नहीं है। वे इतनी करुणामयी हैं कि धाम आने वाला हर भक्त दुख लेकर आता है और समाधान पाकर लौटता है। यही कारण है कि मां मातंगी धाम को छत्तीसगढ़ का पहला त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार माना जाता है, जहाँ भक्तों की समस्याओं का समाधान ‘पर्चा दर्शन’ के माध्यम से किया जाता है।

‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ है खतरा

उन्होंने यह भी बताया कि धाम में मौजूद मां बगलामुखी की साधना विशेष रूप से शत्रुनाश, न्यायिक विजय और तंत्र बाधाओं से मुक्ति दिलाने में सहायक मानी जाती है। धाम में आने वाले अनेक लोग तंत्र-बाधा, प्रेत-बाधा और अन्य आत्मिक कष्टों से मुक्ति पाने आते हैं। कई बार यह बाधाएं धर्मांतरण या गलत जीवन मार्ग के प्रभाव से उत्पन्न होती हैं। डॉ. प्रेमसाई जी महाराज ने सामाजिक चिंताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में ‘तंत्र जिहाद’, ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ जैसे नए खतरे सामने आ रहे हैं, जिनसे सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता का भी समय है।

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