निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : सर्दियों का मौसम आते ही हमारी दिनचर्या और खान-पान दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। ठंड बढ़ने के साथ शारीरिक गतिविधियां कम हो जाती हैं और गरमा-गरम, तली-भुनी व मीठी चीजों का सेवन बढ़ जाता है। यही आदतें धीरे-धीरे शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को बढ़ाने लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन ज्यादा देखने को मिलता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है।
कोलेस्ट्रॉल खुद नहीं देता लक्षण, असर जरूर दिखाता है
यह समझना जरूरी है कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर तुरंत कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते। लेकिन जब यह धमनियों में जमा होने लगता है, तब शरीर इसके संकेत देना शुरू कर देता है। अगर इन संकेतों को समय रहते पहचान लिया जाए, तो गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
छाती में भारीपन या दर्द
हाई कोलेस्ट्रॉल धमनियों में प्लाक जमा कर देता है, जिससे रक्त प्रवाह बाधित होता है। इसका असर सीने में दबाव, भारीपन या दर्द के रूप में महसूस हो सकता है।
थोड़ी मेहनत में भी जल्दी थकान
जब शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन और खून नहीं पहुंच पाता, तो मामूली गतिविधि करने पर भी थकान जल्दी महसूस होने लगती है।
सांस फूलने की समस्या
दिल तक ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होने पर चलने, सीढ़ियां चढ़ने या हल्का काम करने पर भी सांस फूल सकती है।
हाथ-पैर ठंडे या सुन्न महसूस होना
खराब ब्लड सर्कुलेशन के कारण हाथों और पैरों में ठंडक या झनझनाहट महसूस हो सकती है, जो बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल का संकेत हो सकता है।
त्वचा पर पीले या सफेद दाग
आंखों की पलकों, कोहनियों या घुटनों के आसपास पीले-सफेद धब्बे दिखना शरीर में कोलेस्ट्रॉल जमा होने की ओर इशारा करता है।
सिरदर्द और चक्कर
दिमाग तक खून और ऑक्सीजन की सप्लाई कम होने पर सिरदर्द या चक्कर आने की शिकायत हो सकती है।
हाई ब्लड प्रेशर
धमनियों के सिकुड़ने से रक्तचाप बढ़ सकता है, जिसे कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का अप्रत्यक्ष संकेत माना जाता है।
सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है
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ठंड में फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है
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तली-भुनी और ज्यादा फैटी चीजों का सेवन बढ़ जाता है
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शरीर ऊर्जा बचाने के लिए मेटाबॉलिज्म पैटर्न बदल लेता है
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हार्मोनल बदलाव लिपिड प्रोफाइल को प्रभावित करते हैं
स्वस्थ आदतों से रखें कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल
संतुलित आहार, नियमित वॉक, हल्की एक्सरसाइज और समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल जांच करवाकर सर्दियों में भी कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।











