यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2026 के परिणाम आने के बाद कई जगहों पर भ्रम की स्थिति देखने को मिली। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से सामने आया, जहां 113वीं रैंक को लेकर दो ‘शिखा’ के दावे चर्चा में आ गए।हालांकि कुछ ही दिनों में यह स्पष्ट हो गया कि 113वीं रैंक हरियाणा की रहने वाली शिखा को मिली है, जबकि बुलंदशहर की शिखा ने बाद में अपनी गलती स्वीकार कर ली।
नाम देखकर कर लिया चयन का दावा
जानकारी के अनुसार यूपीएससी का रिजल्ट जारी होने के बाद बुलंदशहर की शिखा ने पीडीएफ में अपना नाम देखा, लेकिन उन्होंने रोल नंबर मिलान नहीं किया।नाम देखकर ही उन्हें लगा कि उनका चयन हो गया है। इसके बाद परिवार और रिश्तेदारों में खुशी का माहौल बन गया और जश्न मनाया जाने लगा।
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रोल नंबर मिलाने पर सामने आई सच्चाई
कुछ दिनों बाद जब शिखा ने अपना रोल नंबर चेक किया, तो पता चला कि वह सूची में दिए गए रोल नंबर से अलग है।तब यह साफ हुआ कि 113वीं रैंक हरियाणा की रहने वाली एक अन्य शिखा को मिली है।
भावुक हुई शिखा
सच्चाई सामने आने के बाद बुलंदशहर की शिखा भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि नाम एक जैसा होने के कारण भ्रम हो गया और उन्होंने सिर्फ नाम देखकर ही परिणाम मान लिया।शिखा के पिता ने बताया कि चयन की खबर सुनते ही पूरा परिवार और रिश्तेदार बेहद खुश हो गए थे, लेकिन बाद में सच्चाई पता चलने पर सभी निराश हो गए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यूपीएससी रिजल्ट 2026 के बाद इससे पहले भी एक जैसे नाम वाले अभ्यर्थियों के बीच भ्रम के मामले सामने आ चुके हैं।गाजीपुर और बिहार के आरा जिले की आकांक्षा सिंह के बीच भी 301वीं रैंक को लेकर ऐसा ही विवाद सामने आया था।











