UPI Users : मुंबई। देश में डिजिटल भुगतान की क्रांति अब एक नए मुकाम पर पहुंचने जा रही है। यूपीआई (UPI) यूजर्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है, क्योंकि देश के प्रमुख प्राइवेट बैंक अब सीधे ‘यूपीआई पर क्रेडिट लाइन’ (Credit Line on UPI) की सुविधा शुरू करने की तैयारी में हैं। इसका मतलब है कि अब आप बिना क्रेडिट कार्ड के भी यूपीआई के जरिए छोटे-मोटे रोजमर्रा के खर्चों के लिए तत्काल लोन ले सकेंगे।
UPI Users : HDFC Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे बड़े बैंक इस सुविधा को तेजी से अपनाने की दिशा में सक्रिय हो गए हैं। अब तक बैंक यूपीआई पर क्रेडिट बढ़ाने के लिए केवल RuPay क्रेडिट कार्ड जारी कर रहे थे, लेकिन अब वे सीधे क्रेडिट लाइन प्रोडक्ट को बाजार में उतारेंगे।
फिनटेक के साथ मिलकर काम
नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने 2023 में यह सुविधा लॉन्च की थी, लेकिन तब बड़े बैंक इससे दूर थे। शुरुआती दौर में केवल कर्नाटका बैंक और सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक ने Navi और Paytm जैसे फिनटेक प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर इसकी शुरुआत की थी।
ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अब HDFC और Axis जैसे बड़े बैंक भी Navi, Super.Money और SalarySe जैसे फिनटेक स्टार्टअप्स के साथ हाथ मिला रहे हैं। फिनटेक कंपनियां ग्राहकों को आसानी से ऑनबोर्ड करने और उनकी प्रारंभिक जांच (First-level Vetting) ऐप के जरिए करने में बैंकों की मदद करेंगी।
RBI और NPCI से मिली हरी झंडी
शुरुआत में, बड़े बैंकों को क्रेडिट लाइन पर ब्याज लगने, इंटरेस्ट-फ्री अवधि और नियम-कानूनों की स्पष्टता को लेकर हिचकिचाहट थी। इसी अस्पष्टता के कारण वे इस प्रोडक्ट को अपनाने से बच रहे थे।
लेकिन अब खबर है कि NPCI और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दोनों की ओर से इस संबंध में सभी आवश्यक स्पष्टीकरण (Clarifications) मिल चुके हैं। इसी हरी झंडी के बाद, बैंक अब सक्रिय रूप से इस सुविधा को लॉन्च करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
छोटे क्रेडिट से बड़ा ग्राहक वर्ग जोड़ने की तैयारी
यह सुविधा बैंकों के लिए एक नया और विशाल ग्राहक वर्ग जोड़ने का बड़ा मौका है।
नए ग्राहक: बैंक इसे उन लाखों यूपीआई यूजर्स को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के रूप में देख रहे हैं जो नियमित रूप से छोटे खर्च यूपीआई से करते हैं।
भरोसेमंद कस्टमर: फिनटेक का मानना है कि जो ग्राहक समय पर छोटे क्रेडिट वापस करते हैं, वे भविष्य में बैंक के लिए मजबूत और भरोसेमंद कस्टमर बन जाते हैं।
इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, अब तक करीब 3 से 4 लाख ग्राहक यूपीआई आधारित क्रेडिट लाइन ले चुके हैं, और छोटे खर्चों के लिए त्वरित क्रेडिट उपलब्ध होने के कारण इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है।
‘क्रेडिट बबल’ का डर भी मौजूद
हालांकि, छोटे-छोटे लोन की इतनी बड़ी संख्या को लेकर कुछ वित्तीय संस्थान सावधान भी हैं। उनका मानना है कि यदि ग्राहक समय पर भुगतान नहीं कर पाते हैं, तो कम रकम के इन लोनों की रिकवरी करना बहुत मुश्किल हो सकता है। इसलिए, हर बैंक इस सुविधा में पूरी तरह उतरने से पहले जुड़े जोखिमों का सावधानी से आकलन कर रहा है।













