Trump’s tax bomb : वॉशिंगटन/ओटावा | अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपनी ट्रेड वॉर नीति से वैश्विक अर्थव्यवस्था में भूचाल ला दिया है। 10 जुलाई को कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी को भेजे गए पत्र में ट्रंप ने ऐलान किया कि 1 अगस्त से कनाडा से आने वाले कई सामानों पर 35% आयात शुल्क लगाया जाएगा — जो अब तक के 25% शुल्क से भी ज्यादा है। यह फैसला दशकों पुरानी अमेरिका-कनाडा साझेदारी पर सीधा वार माना जा रहा है। ट्रंप का कहना है कि यह फैसला उन्होंने कनाडा से कथित फेंटेनायल तस्करी रोकने के लिए लिया है। हालांकि, आंकड़े बताते हैं कि कनाडा से अमेरिका में फेंटेनायल की तस्करी बेहद सीमित है। असल वजह शायद कुछ और है — ट्रंप कनाडा के साथ व्यापार घाटे को लेकर लंबे समय से नाराज़ हैं, खासकर तेल के आयात को लेकर।
“फेंटेनायल सिर्फ एक समस्या नहीं है… कनाडा के पास कई टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाएं हैं,”
– ट्रंप ने अपने पत्र में लिखा।
कनाडा ने दिया करारा जवाब – अब अमेरिका ‘विश्वसनीय’ साझेदार नहीं रहा
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जो अप्रैल 2025 में चुने गए, पहले ही अमेरिका से दूरी बनाने की नीति पर चल रहे हैं।
ट्रंप के पत्र से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर के साथ अपनी एक तस्वीर X पर पोस्ट करते हुए लिखा:
“आज जब दुनिया को भरोसेमंद व्यापारिक साझेदारों की ज़रूरत है, वो कनाडा की ओर देख रही है।”

कनाडा अब यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के साथ गठजोड़ मज़बूत करने की दिशा में बढ़ रहा है।
पिछले दौरे में ट्रंप बोले थे – “कुछ भी कह लो, टैक्स नहीं हटेगा”
मई में कार्नी जब व्हाइट हाउस पहुंचे थे, तब सार्वजनिक मुलाक़ात में माहौल सौम्य था। लेकिन ट्रंप ने साफ कर दिया था कि कनाडा चाहे कुछ भी कहे, टैरिफ नहीं हटेंगे। “ऐसा ही है, बदलेगा नहीं,” ट्रंप ने कहा था। कार्नी ने तब भी धैर्य दिखाते हुए कहा था: “बड़ी ताकतें इसमें शामिल हैं… इसमें वक्त लगेगा और बातचीत ज़रूरी है।”
ट्रंप का ग्लोबल टैक्स अटैक – अब तक 23 देशों को भेज चुके हैं ‘टैरिफ लेटर’
कनाडा के अलावा ट्रंप ब्राज़ील, मैक्सिको, चीन समेत 23 देशों को टैरिफ नोटिस भेज चुके हैं। ब्राज़ील पर तो 50% आयात टैक्स लगा दिया गया है — वजह? ट्रंप के अनुसार, ब्राज़ील में बोलसोनारो पर चल रही जांच अमेरिका की नीतियों को प्रभावित कर रही है। दिलचस्प बात ये है कि ट्रंप खुद भी 2020 चुनाव के नतीजों को पलटने के मामले में अभियुक्त हैं।
अब 90 दिन की मोहलत भी खत्म, 10% बेस टैरिफ हटा
ट्रंप ने अप्रैल में “लिबरेशन डे टैरिफ” के तहत 10% बेसलाइन टैक्स लागू किया था, लेकिन अब कहा है: “अब बचे हुए सभी देशों को 15% से 20% तक टैक्स देना होगा। चाहे जो भी हो।”
डिजिटल टैक्स के मुद्दे पर भी हुआ था टकराव
जून में ट्रंप ने कनाडा के डिजिटल सर्विस टैक्स पर नाराज़गी जताते हुए व्यापार वार्ता बंद कर दी थी। बाद में जब कार्नी ने वो टैक्स वापस लिया, तब बातचीत फिर से शुरू हुई। 2020 में साइन हुआ USMCA (यूनाइटेड स्टेट्स–मैक्सिको–कनाडा एग्रीमेंट) फिलहाल कुछ चुनिंदा वस्तुओं को इन टैरिफ से बचाता है। लेकिन 2026 में इसका रिव्यू होना है — और तब तक ये ट्रेड वॉर और भी भयानक हो सकता है।













