Thursday, September 10, 2026
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ट्रंप का टैरिफ बम! ईरान से व्यापार करने वालों पर 25% अतिरिक्त टैक्स,भारत पर कितना खतरा…

नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर टैरिफ को लेकर सख्त रुख अपनाते नजर आ रहे हैं। वेनेजुएला पर हमले के बाद अब ट्रंप प्रशासन की नजर ईरान पर टिक गई है। ईरान में सत्ता के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रंप ने एक बड़ा आर्थिक फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि जो भी देश ईरान के साथ व्यापार करेगा, उस पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा

इस फैसले का असर सिर्फ ब्राजील और चीन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भारत भी इसकी जद में आ सकता है। खास बात यह है कि यह 25% टैरिफ अमेरिका के पहले से लागू 25% रेसिप्रोकल टैरिफ के अतिरिक्त होगा। यानी कुछ मामलों में कुल टैरिफ बोझ 75% तक पहुंच सकता है, जो भारत-अमेरिका व्यापार के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है।

ट्रंप की वापसी के बाद तेज हुआ ‘टैरिफ गेम’

डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार सत्ता में लौटते ही स्पष्ट कर दिया था कि वह ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति पर कोई समझौता नहीं करेंगे। इसके तहत उन्होंने कई देशों के खिलाफ टैरिफ हथियार का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ईरान के मुद्दे पर उनका ताजा बयान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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भारत-ईरान व्यापारिक रिश्ते: क्यों अहम है यह फैसला?

ईरान लंबे समय से भारत का अहम ट्रेड पार्टनर रहा है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, उर्वरक और अन्य वस्तुओं का व्यापार होता रहा है। हालांकि अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते बीते वर्षों में यह व्यापार घटा है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।

भारत ईरान से मुख्य रूप से:

  • कच्चा तेल (पहले बड़े पैमाने पर)

  • उर्वरक और पेट्रोकेमिकल उत्पाद

जबकि ईरान को भारत से:

  • चावल

  • चाय

  • दवाइयां और फार्मास्युटिकल उत्पाद

  • इंजीनियरिंग सामान

निर्यात किए जाते हैं।

भारत पर क्या होगा असर?

अगर ट्रंप प्रशासन का यह टैरिफ पूरी सख्ती से लागू होता है, तो:

  • भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात महंगे हो सकते हैं

  • भारतीय कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता घटेगी

  • फार्मा, टेक्सटाइल और इंजीनियरिंग सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अब कूटनीतिक संतुलन साधना होगा, ताकि ईरान के साथ रणनीतिक हित भी सुरक्षित रहें और अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते भी खराब न हों।

वैश्विक राजनीति में बढ़ेगी हलचल

ट्रंप के इस ऐलान के बाद वैश्विक व्यापार में एक बार फिर अनिश्चितता बढ़ गई है। चीन और ब्राजील जैसे देश पहले ही अमेरिकी टैरिफ नीति का विरोध करते रहे हैं। अब भारत जैसे देशों के लिए यह फैसला दोहरी चुनौती बन सकता है—एक तरफ ऊर्जा और रणनीतिक हित, दूसरी तरफ अमेरिका के साथ व्यापार।

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