Sagar Sharab Death Case Update: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्यप्रदेश के सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। घटना के बाद सरकार ने मामले की जांच को लेकर सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किया गया है।सरकार के इस फैसले के बाद अब मामले में शराब के निर्माण से लेकर उसकी पैकिंग और अलग-अलग इलाकों में पहुंचाने तक की पूरी प्रक्रिया की जांच होगी। पुलिस पहले से ही इस मामले में आरोपियों और कथित सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।
CM मोहन यादव अस्पताल पहुंचे, मरीजों से की मुलाकात
मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार को सागर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने जहरीली शराब पीने के बाद बीमार हुए लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।सागर जहरीली शराब कांड को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर ऐसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है, जिनमें आजीवन कारावास और फांसी तक की सजा का प्रावधान है।मुख्यमंत्री ने प्रशासन को मामले में जरूरी कदम उठाने की पूरी छूट देने की बात भी कही। सरकार की ओर से अब इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरतने का संदेश दिया गया है।
मौतों के आंकड़े पर अभी स्थिति साफ नहीं
सागर में जहरीली शराब पीने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की मौत की बात सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 28 बताई जा रही है, जबकि प्रशासन ने फिलहाल 15 मौतों की पुष्टि की है।इस अंतर के कारण मृतकों की वास्तविक संख्या को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। कई मरीजों का अस्पताल में इलाज जारी बताया गया है। ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी आंकड़े को ही फिलहाल आधिकारिक संख्या माना जा रहा है।
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33 आरोपियों में 16 गिरफ्तार
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने कुल 33 आरोपियों को चिन्हित किया है। इनमें से 16 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है, जबकि 17 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।सागर जहरीली शराब कांड में पुलिस अब सिर्फ शराब बेचने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि शराब तैयार करने, उसकी पैकिंग और गांवों तक पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
मुख्य आरोपियों पर 20-20 हजार का इनाम
पुलिस की जांच में बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार मनीष लोधी उर्फ यशवंत ठाकुर का नाम सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मनीष के संपर्क अंतरराज्यीय शराब तस्कर रवि लखेरा से थे।दोनों फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। वहीं अन्य 15 फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम रखा गया है।
खेत में बन रही थी नकली शराब
जांच में पुलिस को ततरवारा गांव के एक खेत से भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, यह खेत सरपंच चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत का है। यहां से 164 क्वार्टर सागर गोल्ड प्लेन मदिरा, 27 लीटर अमानक शराब और शराब बनाने तथा पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया।पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर को इसी जगह करीब 50 पेटी नकली शराब तैयार की गई थी। इसके बाद शराब को ‘सागर गोल्ड’ के नाम से पैक कर आसपास के गांवों में भेजे जाने की बात जांच में सामने आई है।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया
पुलिस की जांच में कुछ आरोपियों के पुराने मामलों की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, रवि लखेरा के खिलाफ पहले से 25 मामले दर्ज हैं। चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत पर पांच मामले बताए गए हैं।वहीं मनीष लोधी के खिलाफ 11 मामले दर्ज होने की जानकारी दी गई है। इनमें छह मामले शराब तस्करी से जुड़े बताए गए हैं।
नया IG और संभागायुक्त संभालेंगे जिम्मेदारी
मामले के बीच प्रशासनिक स्तर पर भी बदलाव किया गया है। इरशाद वली को सागर का नया IG बनाया गया है। वहीं दिलीप कुमार को संभागायुक्त की जिम्मेदारी दी गई है।अब सागर जहरीली शराब कांड की न्यायिक जांच के साथ पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर भी नजर रहेगी। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि नकली शराब का नेटवर्क कितने समय से चल रहा था, इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे और शराब की सप्लाई किन इलाकों तक की गई थी।सरकार के न्यायिक जांच के फैसले के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। वहीं फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थिति पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है।






