Teacher Assault on Student : डोंगरगढ़। शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाला एक बेहद दर्दनाक मामला डोंगरगढ़ के खालसा पब्लिक स्कूल से सामने आया है। सातवीं कक्षा के 13 वर्षीय छात्र सार्थक सहारे पर शिक्षिका का गुस्सा इस कदर टूटा कि मासूम की सुनने की क्षमता लगभग खत्म हो गई है।
Teacher Assault on Student : क्या है पूरा मामला?
हिंसा की वजह: जुलाई में क्लास के दौरान सार्थक को किताब निकालने में चंद सेकंड की देरी हुई।
शिक्षिका का कहर: गुस्से में बेकाबू होकर शिक्षिका प्रियंका सिंह ने मासूम के कान मरोड़े और कनपटियों पर जोरदार तमाचे जड़ दिए।
गंभीर परिणाम: घर लौटने पर बच्चा बोल नहीं पाया और इशारों से बताया कि उसे कुछ सुनाई नहीं दे रहा है। ईएनटी विशेषज्ञों की रिपोर्ट में सामने आया कि थप्पड़ों के कारण बच्चे के कान की नसें बुरी तरह डैमेज हो गई हैं।
स्कूल प्रबंधन की शर्मनाक कोशिश
परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद खालसा स्कूल प्रबंधन ने मामले को दबाने की हरसंभव कोशिश की।
“स्कूल ने FIR न करने के लिए दबाव बनाया, इलाज का खर्च उठाने का वादा किया, और बाद में अपना वादा भी तोड़ दिया।”
FIR दर्ज, जांच जारी
परिजनों द्वारा हिम्मत जुटाकर शिकायत करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। डोंगरगढ़ SDOP आशीष कुंजाम ने बताया कि डॉक्टरों की कमेटी की रिपोर्ट में चोट की पुष्टि मारपीट से होने के बाद, शिक्षिका प्रियंका सिंह और नम्रता साहू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
यह घटना अनुशासन के नाम पर की गई हिंसा की एक गंभीर चेतावनी है, जिसका असर मासूम सार्थक की पूरी जिंदगी पर पड़ेगा।











