Aseem Munir News : पाकिस्तान में असीम मुनीर सुपर-पावर! मिला पूर्ण सैन्य कंट्रोल, भारत के लिए बढ़ी टेंशन

Rahul Goshwami
Aseem Munir

इस्लामाबाद: पाकिस्तान की संसद ने 27वें संविधान संशोधन को मंजूरी देकर सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को देश का सबसे शक्तिशाली अधिकारी बना दिया है। नए संशोधन के तहत उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) का पद दे दिया गया है और इसके साथ ही ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी (CJCSC) का पद पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।

वहीं इस बदलाव से पहली बार पाकिस्तान की तीनों सेनाओं, मिसाइल फोर्स, सामरिक योजनाओं और यहां तक कि परमाणु हथियारों का सीधा नियंत्रण मात्र एक व्यक्ति—असीम मुनीर—के हाथों में आ गया है। विपक्ष और विशेषज्ञ इसे राष्ट्र में “केंद्रीकृत सैन्य तानाशाही” की औपचारिक दस्तक बता रहे हैं।

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मई संघर्ष में हार के बाद ‘बड़ा सैन्य सुधार’
पाकिस्तान ने यह बड़ा ढांचागत बदलाव मई 2025 में भारत के साथ हुए चार दिवसीय संघर्ष में अपनी सैन्य नाकामी के बाद किया है। उस टकराव में भारत की तीव्र और सटीक हमलों की जवाबी कार्यवाही को रोकने में पाकिस्तान की सेनाएं असमर्थ रहीं।

मामले पर रिपोर्टों के अनुसार, निर्णय लेने की धीमी प्रक्रिया, कई स्तरों की अप्रभावी कमांड संरचना और सेनाओं के बीच तालमेल की कमी उजागर हुई।इन कमियों को दूर करने के नाम पर सरकार और सेना ने पूरा सैन्य निर्णय–तंत्र एक ही कमांडर के हाथ में सौंप दिया है।

अब ‘परमाणु चाबी’ भी मुनीर के पास
संशोधन के बाद सबसे बड़ा परिवर्तन नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (NSC) की स्थापना है। पहले रणनीतिक परमाणु नियंत्रण CJCSC के हाथ में होता था, लेकिन नया ढांचा यह अधिकार पूरी तरह CDF यानी असीम मुनीर को देता है।

इसका मतलब है कि पाकिस्तान के परमाणु वारहेड, मिसाइल लॉन्च सिस्टम, स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन (SPD) और सभी संबंधित वैज्ञानिक–सैन्य संरचनाएं अब एक ही कमांडर को रिपोर्ट करेंगी।विशेषज्ञ इसे “परमाणु फैसलों का खतरनाक केंद्रीकरण” बता रहे हैं।

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नई आर्मी रॉकेट फोर्स: मिसाइल लॉन्च अब और तेज़
मई संघर्ष के बाद पाकिस्तान ने आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड (ARFC) का भी गठन किया है। इसका उद्देश्य लंबी दूरी की मिसाइलों को कम समय में लॉन्च करने की क्षमता विकसित करना है—ईरान की तर्ज पर।अब ARFC और NSC दोनों का नियंत्रण मुनीर के पास होने से पाकिस्तान एक मिसाइल-प्रधान सैन्य सिद्धांत की ओर बढ़ता दिख रहा है।

भारत के लिए क्या है मायने
पाकिस्तान में असीम मुनीर को सर्वशक्तिशाली सैन्य प्रमुख बनाने वाला यह 27वां संविधान संशोधन भारत के लिए कई रणनीतिक चिंताएं पैदा जरूर करता है।इस बाबत सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब परमाणु हथियार, मिसाइल फोर्स, तीनों सेनाएँ और युद्ध संबंधी सभी फैसले एक ही व्यक्ति के हाथ में होंगे, जिससे किसी भी उकसावे या सीमा पर तनाव की स्थिति में पाकिस्तान की निर्णय-प्रक्रिया पहले से कहीं अधिक तेज और आक्रामक हो सकती है।

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