Delhi Blast का अल फलाह यूनिवर्सिटी कनेक्शन, जानें कौन है संस्थापक अहमद सिद्दीकी, 7.5 करोड़ का फ्रॉड का है आरोप

Rahul Goshwami
AL FALAAH UNIVERSITY

Delhi Blast/नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में सोमवार को हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है,हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं।जांच एजेंसियों ने पाया है कि धमाके को अंजाम देने वाले डॉक्टरों का समूह इसी यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ था।अब केंद्र सरकार ने ED (प्रवर्तन निदेशालय) को यूनिवर्सिटी की फंडिंग और फाइनेंशियल नेटवर्क की गहन जांच के आदेश दिए हैं।
इस कार्रवाई के बाद यूनिवर्सिटी के संस्थापक और मैनेजिंग ट्रस्टी जावेद अहमद सिद्दीकी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं।

कौन हैं जावेद अहमद सिद्दीकी?
अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक और मैनेजिंग ट्रस्टी जावेद अहमद सिद्दीकी हैं।उनका नाम यूनिवर्सिटी से जुड़े कई कारोबारी और वित्तीय नेटवर्क में सामने आ रहा है।सिद्दीकी का जन्म मध्यप्रदेश के मऊ जिले में हुआ था।वे नौ अलग-अलग कंपनियों से जुड़े हुए हैं — जो शिक्षा, सॉफ्टवेयर, वित्तीय सेवाओं और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में काम करती हैं।इन सभी कंपनियों का संचालन अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत होता है, जो यूनिवर्सिटी के प्रबंधन का भी जिम्मेदार निकाय है।

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एक ही पते पर पंजीकृत नौ कंपनियां
Delhi Blast ईडी की प्रारंभिक जांच में यह पाया गया है कि इन नौ में से अधिकांश कंपनियां एक ही पते पर पंजीकृत हैं।यह पता दिल्ली के जामिया नगर स्थित “अल फलाह हाउस” का है।वित्तीय जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह पैटर्न फंड ट्रांसफर और फंडिंग सोर्स को छिपाने की कोशिश का संकेत देता है।संदेह यह भी है कि इन कंपनियों के माध्यम से यूनिवर्सिटी के लिए विदेशी फंडिंग की गई हो सकती है।

2019 के बाद बंद या निष्क्रिय हुईं कंपनियां
दस्तावेजों से पता चलता है कि ज्यादातर कंपनियां 2019 तक सक्रिय रहीं,जिसके बाद या तो वे बंद कर दी गईं या निष्क्रिय हो गईं।हालांकि, अल फलाह मेडिकल रिसर्च फाउंडेशन अब तक सक्रिय है और इसे यूनिवर्सिटी की प्रमुख शाखा माना जाता है।इस फाउंडेशन ने 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज से अपनी शुरुआत की थी,जो अब 78 एकड़ में फैले बड़े शैक्षणिक परिसर के रूप में विकसित हो चुका है।लेकिन अब धमाके की जांच में नाम आने के बाद, यह संस्थान भी नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) की जांच के दायरे में आ गया है।

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यूनिवर्सिटी पर ED की निगाहें
सूत्रों के अनुसार, ईडी अब यूनिवर्सिटी की विदेशी फंडिंग, दान, और चैरिटेबल ट्रस्ट की ट्रांजैक्शन की बारीकी से जांच कर रही है।यह देखा जा रहा है कि क्या यूनिवर्सिटी के नेटवर्क का उपयोग किसी आर्थिक या आतंकी गतिविधि में किया गया।
हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने किसी भी गैरकानूनी गतिविधि से इंकार किया है।फिलहाल, एजेंसियों की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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