निशानेबाज न्यूज़ डेस्क: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली नौ विकेट की करारी हार ने वेस्टइंडीज की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस हार के बाद कैरेबियाई टीम की सेमीफाइनल की राह जटिल हो गई है। अब टीम के सामने 1 मार्च को कोलकाता में भारत के खिलाफ होने वाला मुकाबला ‘करो या मरो’ की स्थिति में बदल चुका है। जीत ही उन्हें अंतिम चार में जगह दिला सकती है।
रणनीति पर अमल नहीं कर पाई टीम
मैच के बाद कप्तान शाई होप ने माना कि टीम तय रणनीति को सही तरीके से लागू नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि अहमदाबाद की परिस्थितियों को समझने में देरी हुई, जिसका असर प्रदर्शन पर पड़ा। होप के अनुसार, “रणनीति बनाना अलग बात है, लेकिन उसे मैदान पर उतारना ज्यादा अहम होता है। हम हालात के मुताबिक खुद को जल्दी ढाल नहीं पाए और इसका नुकसान उठाना पड़ा।”
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पिच और हालात बने चुनौती
कप्तान ने अहमदाबाद की पिच को प्रतिस्पर्धी बताया, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि बल्लेबाज उछाल और गेंद की मूवमेंट को पढ़ने में चूक गए। शुरुआती विकेटों के गिरने से टीम दबाव में आ गई और वापसी का मौका नहीं मिल सका।
लगातार विकेट गिरने से रन गति प्रभावित हुई और लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
मारक्रम का कमाल, दक्षिण अफ्रीका सेमीफाइनल में
दक्षिण अफ्रीका ने 177 रन के लक्ष्य को कप्तान एडेन मारक्रम की नाबाद 82 रन की पारी की बदौलत आसानी से हासिल कर लिया। टीम ने संतुलित गेंदबाजी और आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर टूर्नामेंट में लगातार छठी जीत दर्ज की और सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया।इस जीत ने वेस्टइंडीज के अजेय अभियान पर भी विराम लगा दिया।
नेट रन रेट पर पड़ा असर
इस हार का सीधा असर वेस्टइंडीज के नेट रन रेट पर पड़ा है। टीम का NRR 5.350 से गिरकर 1.791 पर आ गया, जिससे समीकरण और पेचीदा हो गए हैं। अब भारत के खिलाफ होने वाला मुकाबला न केवल जीत, बल्कि बड़े अंतर से जीत की मांग कर सकता है।
भारत से निर्णायक टक्कर
कोलकाता में होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए अहम रहेगा। भारत जहां जीत के साथ अपनी स्थिति मजबूत करना चाहेगा, वहीं वेस्टइंडीज के लिए यह मैच अस्तित्व की लड़ाई बन चुका है।अब देखना दिलचस्प होगा कि कैरेबियाई टीम दबाव में किस तरह वापसी करती है और क्या सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर पाती है।











