Sunday, September 6, 2026
Home National दिल्ली शराब घोटाले में बरी हुए पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, फैसला आते...

दिल्ली शराब घोटाले में बरी हुए पूर्व CM अरविंद केजरीवाल, फैसला आते ही आंखो से गिरने लगे आंसू… सिसोदिया को भी राहत

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बहुचर्चित दिल्ली एक्साइज पॉलिसी मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। इसी मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी से जुड़े विजय नायर को भी अदालत से राहत मिली है। यह निर्णय पिछले दो वर्षों से चल रहे राजनीतिक और कानूनी विवाद में अहम मोड़ माना जा रहा है।

आरोप साबित करने में विफल रहा अभियोजन पक्ष

विशेष न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष अदालत के समक्ष किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश या आपराधिक मंशा को प्रमाणित करने में सफल नहीं हो सका। अदालत ने कहा कि प्रस्तुत किए गए साक्ष्य आरोपों को ठोस रूप से सिद्ध करने के लिए पर्याप्त नहीं थे। इसी आधार पर सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।

सीबीआई जांच पर उठे सवाल

फैसले में अदालत ने जांच एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी टिप्पणी की। न्यायालय ने कहा कि निष्पक्ष सुनवाई के लिए निष्पक्ष जांच अनिवार्य है, लेकिन इस मामले में जांच की गुणवत्ता अपेक्षित स्तर की नहीं पाई गई। कोर्ट ने संकेत दिया कि आरोपपत्र में कई बिंदुओं का पर्याप्त समर्थन साक्ष्यों से नहीं हो पाया।

फैसले के बाद राजनीतिक हलचल

निर्णय सुनते ही अरविंद केजरीवाल भावुक नजर आए और मीडिया से बातचीत में इसे “सत्य की जीत” बताया। आम आदमी पार्टी ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे न्यायपालिका पर विश्वास की जीत करार दिया। वहीं राजनीतिक हलकों में इस निर्णय को आगामी चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जब रोने लगे अरविंद केजरीवाल

अदालत के फैसले के बाद अरविंद केजरीवाल जब मीडिया के सामने आए तो भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनकी पार्टी को भ्रष्टाचारी बताया गया, पांच बड़े नेताओं को जेल भेजा गया और एक मौजूदा मुख्यमंत्री को छह महीने तक जेल में रखा गया, जो उनके मुताबिक अभूतपूर्व है। केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने जीवन भर ईमानदारी की राजनीति की है, लेकिन उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने मनीष सिसोदिया का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें दो साल जेल में रखा गया, जबकि बाद में अदालत में उनके खिलाफ ठोस सबूत नहीं पाए गए।

Read More : रीवा: वर्दी में में लड़खड़ाता दिखा पुलिसकर्मी, विभाग में हड़कंप, वीडियो वायरल

आगे की संभावनाएं

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला दिल्ली की राजनीति पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, यदि जांच एजेंसी चाहे तो उच्च अदालत में अपील का विकल्प खुला है। फिलहाल इस निर्णय ने आम आदमी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को बड़ी कानूनी राहत प्रदान की है और राजनीतिक माहौल को नई दिशा दी है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here