Swami Chaitanyananda : नई दिल्ली: खुद को आध्यात्मिक गुरु और शिक्षा का मार्गदर्शक बताने वाले स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पर अब गंभीर आरोप लगे हैं, और वह फिलहाल फरार है। वर्षों तक किताबों और भाषणों के ज़रिये खुद को दार्शनिक और लेखक के रूप में पेश करने वाला यह व्यक्ति असल में छात्राओं के शोषण का आरोपी निकला। शुरुआती तौर पर यह मामला कल्पना लग सकता है, लेकिन एफआईआर, बयान और डिजिटल सबूतों ने इन आरोपों की पुष्टि की है।
Swami Chaitanyananda : एफआईआर में दर्ज गंभीर आरोप
Swami Chaitanyananda : एफआईआर के मुताबिक, आर्थिक रूप से कमजोर तबके की छात्राओं को देर रात उसके क्वार्टर में बुलाया जाता था। छात्रावासों में सुरक्षा के नाम पर छिपे कैमरे लगाए गए थे। एक छात्रा को जबरदस्ती नाम बदलने को मजबूर किया गया। छात्राओं पर निजी यात्राओं और देर रात कमरे में बुलावे को मानने के लिए दबाव डाला जाता था। डीन और कुछ स्टाफ सदस्य इस पूरे सिस्टम का हिस्सा थे, जो शिकायतों को दबाते और विरोध करने वालों को धमकी देते थे।
Swami Chaitanyananda : छात्राओं का बयान
Swami Chaitanyananda : अब तक 32 छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें से 17 ने मजिस्ट्रेट के सामने स्पष्ट कहा कि स्वामी उन्हें गालियाँ देता, अश्लील संदेश भेजता और अनुचित हरकतें करता था। कई छात्राओं ने बताया कि महिला वार्डन उन्हें जबरन उसके कमरे में ले जाती थीं। पूरा सिस्टम ऐसे डिजाइन किया गया था कि कोई भी बाहर कुछ न बोल सके।
Swami Chaitanyananda : पहले भी विवादों में रहा
Swami Chaitanyananda : चैतन्यानंद का विवादों से पुराना नाता रहा है। 2009 में उसके खिलाफ डिफेंस कॉलोनी थाने में धोखाधड़ी और छेड़छाड़ का मामला दर्ज हुआ था। 2016 में वसंत कुंज थाने में फिर से छेड़छाड़ की शिकायत हुई। हर बार रसूख और नेटवर्क की मदद से वह बच निकलता रहा, लेकिन इस बार परिस्थितियां और सबूत उसके खिलाफ खड़े हैं।
Swami Chaitanyananda : फरारी और पुलिस की जांच
Swami Chaitanyananda : एफआईआर दर्ज होने के बाद से चैतन्यानंद फरार है। दिल्ली पुलिस ने उसकी तलाश में कई टीमें बनाई हैं। सभी एयरपोर्ट्स और सीमाओं पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में मिली थी। पुलिस को शक है कि वह लगातार ठिकाने बदल रहा है और ट्रैकिंग से बचने के लिए मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर रहा। सीसीटीवी की हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल उपकरण फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं, जहां रिकॉर्ड्स में छेड़छाड़ की आशंका है।
Swami Chaitanyananda : किताबों के पीछे छिपा असली चेहरा
Swami Chaitanyananda : स्वामी चैतन्यानंद ने अब तक 28 किताबें लिखी थीं। इनमें कई पर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के नाम से प्रस्तावनाएं छपी थीं, जैसे कि ‘फॉरगेट क्लासरूम लर्निंग’ की प्रस्तावना स्टीव जॉब्स के नाम से बताई गई थी। ई-कॉमर्स साइट्स पर उसे प्रोफेसर, लेखक और स्पीकर बताया गया। पुलिस का मानना है कि यह छवि एक सोची-समझी रणनीति के तहत बनाई गई थी ताकि असली चेहरा छुपा रहे।
Swami Chaitanyananda : छात्राओं और अभिभावकों में डर
Swami Chaitanyananda : इस मामले के सामने आने के बाद संस्थान में डर का माहौल है। कई छात्राएं अब भी सामने आने से डर रही हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। अभिभावकों में गुस्सा है और सवाल उठ रहे हैं कि जब शैक्षणिक संस्थान ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बच्चों का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा।
Swami Chaitanyananda : पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की प्रक्रिया
Swami Chaitanyananda : दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का अपराध नहीं, बल्कि एक संगठित साजिश है जिसमें संस्थान की संरचना और सहयोगियों का इस्तेमाल हुआ है। एफआईआर में दर्ज धाराएं गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं और जांच एजेंसियां जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही हैं। यह मामला एक बार फिर उस खतरनाक सच्चाई की याद दिलाता है कि चमकदार छवियों के पीछे छिपे चेहरे कितने घातक हो सकते हैं – खासकर तब, जब शोषण का शिकार समाज के सबसे भरोसेमंद हाथों में भेजे गए युवा होते हैं।













