Sukma Panchayat Secretary Arrest : सुकमा (28 फरवरी 2026): छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के कोंटा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कामाराम में शासकीय राशि के दुरुपयोग और गबन के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबित पंचायत सचिव मोहम्मद हाफिज खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सचिव पर विकास कार्यों के लिए आवंटित 3 लाख 23 हजार 760 रुपये की राशि डकारने का गंभीर आरोप है।
19 ग्रामीणों ने मिलकर खोला था मोर्चा भ्रष्टाचार का यह खेल तब उजागर हुआ जब कामाराम की निवासी उड़के माड़े के नेतृत्व में 19 ग्रामीणों ने पंचायत में हो रही वित्तीय गड़बड़ियों की लिखित शिकायत जिला प्रशासन से की। ग्रामीणों का आरोप था कि सरकारी योजनाओं का पैसा धरातल पर काम करने के बजाय निजी स्वार्थ के लिए उपयोग किया जा रहा है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए थे।
जांच में हुई गबन की पुष्टि प्रशासनिक जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सचिव द्वारा सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी कर कुल 3,23,760 रुपये की राशि का गबन किया गया है। अनियमितताओं के पर्याप्त सबूत मिलने के बाद जिला पंचायत सीईओ ने आरोपी सचिव के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए। सुकमा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में ले लिया।
प्रशासन की चेतावनी: भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं गिरफ्तारी के बाद आरोपी सचिव को सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया है कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस त्वरित कार्रवाई से ग्राम पंचायत कामाराम के निवासियों में संतोष का माहौल है और उन्होंने प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।











