मुंबई। Stock Market : शेयर बाजार में गिरावट की आहट अब खतरे की दस्तक में बदल रही है। जुलाई महीने में निवेशकों को 14.29 लाख करोड़ रुपए की चपत लगाने के बाद बाजार अभी और बड़ी गिरावट की तैयारी में है। सेंसेक्स 3.5% और निफ्टी 3.45% टूट चुका है, और बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अगस्त में गिरावट की रफ्तार और तेज हो सकती है।
Stock Market : जुलाई ने दिया निवेशकों को तगड़ा झटका
30 जून को सेंसेक्स 83,606 अंकों पर था, जो जुलाई के आखिरी कारोबारी दिन 80,695 पर आ गया। निफ्टी भी इसी तरह 25,517 से गिरकर 24,635 अंकों तक फिसल गया। इस गिरावट ने निवेशकों को सिर्फ 31 दिनों में करीब 14.30 लाख करोड़ रुपए का नुकसान कर दिया।
अगस्त में क्यों मंडरा रहा है ‘बड़ा तूफान’?
शेयर बाजार में अगस्त की गिरावट का बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की ताबड़तोड़ बिकवाली है। एफआईआई ने महज 8 कारोबारी सत्रों में 25,000 करोड़ रुपए के शेयर बेच डाले हैं। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारतीय उत्पादों पर अतिरिक्त 25% टैरिफ का प्रस्ताव और कंपनियों की कमजोर पहली तिमाही आय भी बाजार के लिए खतरे की घंटी बजा रही है।
रुपया और कच्चा तेल भी बिगाड़ रहे समीकरण
ब्रेंट क्रूड की कीमतें पिछले सप्ताह में 7% बढ़कर 73 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं। वहीं, भारतीय रुपया भी पांच महीने के सबसे निचले स्तर 87.51 पर गिर चुका है। रुपये की कमजोरी और महंगे कच्चे तेल का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा, जिसका दबाव शेयर बाजार पर दिखना तय है।
निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को अगले कुछ हफ्तों में बेहद सतर्क रहना होगा। जिन निवेशकों ने अभी तक घाटे में बैठे स्टॉक्स में अपनी पूंजी फंसा रखी है, उन्हें जल्दबाजी में बिकवाली से बचना चाहिए। वहीं, नए निवेश के लिए मजबूत कंपनियों में गिरावट पर धीरे-धीरे एंट्री करना ही समझदारी होगी।













