Social Change Women’s Day : बुरहानपुर। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के ग्रामीण अंचल, विशेषकर ग्राम नावरा और दूधिया में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यहाँ की महिलाएं अब सामाजिक कुरीतियों और रूढ़िवादी सोच की जंजीरों को तोड़कर शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता की राह पर तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। इस बदलाव की सूत्रधार बनी हैं स्थानीय समाज सेविकाएं, जो गांव-गांव जाकर महिलाओं और बालिकाओं में जागरूकता का संचार कर रही हैं।
शिक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता समाज सेविका राधा पाटिल और क्षमा धोत्रे के प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है। राधा पाटिल बताती हैं, “सामाजिक सेवा की प्रेरणा हमें अपने परिवार से मिली है। हमारा लक्ष्य महिलाओं और बालिकाओं को शिक्षित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे समाज के मुख्यधारा के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें।”
बदल रही है गांवों की तस्वीर एक समय था जब सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में केवल शहरी महिलाओं की भागीदारी देखी जाती थी, लेकिन नावरा और दूधिया की महिलाओं ने इस मिथक को तोड़ा है। क्षमा धोत्रे कहती हैं, “ग्रामीण महिलाओं में अपार क्षमता है, बस उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर की आवश्यकता है। हम उन्हें न केवल शिक्षा के प्रति जागरूक कर रहे हैं, बल्कि सामाजिक गतिविधियों में खुलकर हिस्सा लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।” आज ये महिलाएं यह साबित कर रही हैं कि सही दिशा मिले तो ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां किसी से कम नहीं हैं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की विशेष तैयारी आगामी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को लेकर इन गांवों में विशेष उत्साह है। समाज सेविकाओं ने महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। यह आयोजन न केवल महिलाओं की उपलब्धियों का जश्न मनाएगा, बल्कि अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।











