Singrauli News: सिंगरौली। जिला बनने के बाद सिंगरौली में विकास के बड़े-बड़े दावे किए गए, करोड़ों रुपये की योजनाओं की बात हुई, लेकिन शहर के वार्ड क्रमांक 22 की वैगा बस्ती आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। यहां रहने वाले आदिवासी परिवारों को अब तक बिजली, पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।
Singrauli News: स्थानीय लोगों का कहना है कि कई वर्षों से वे अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता रहा है। बस्ती में न तो बेहतर सड़क व्यवस्था है और न ही नियमित बिजली आपूर्ति। कई परिवार आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
गंदगी और दूषित पानी से बढ़ा खतरा
Singrauli News: वैगा बस्ती में साफ-सफाई की स्थिति भी चिंताजनक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गंदगी और दूषित पानी के कारण बीमारियों का खतरा बना रहता है। पेयजल की समस्या के चलते लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
Singrauli News: बुनियादी सुविधाओं की कमी का सबसे ज्यादा असर बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है। बिजली नहीं होने से रात में पढ़ाई करना मुश्किल है, वहीं सड़क और अन्य सुविधाओं के अभाव में बच्चों का स्कूल पहुंचना भी कई बार प्रभावित होता है। स्वास्थ्य सेवाओं की कमी ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
चुनावी वादों पर उठे सवाल
Singrauli News: बस्तीवासियों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता उनके बीच पहुंचकर विकास के वादे करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है।
Singrauli News: लोगों ने सवाल उठाया है कि जब शहर के दूसरे इलाकों में विकास कार्य हो सकते हैं, तो फिर आदिवासी बस्ती को मूलभूत सुविधाओं से क्यों दूर रखा गया है।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
Singrauli News: स्थानीय परिवारों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि वैगा बस्ती को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। लोगों ने जल्द से जल्द बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
Singrauli News: अब देखना होगा कि प्रशासन इस बस्ती की समस्याओं को लेकर कब तक ठोस कदम उठाता है।









