सिंगरौली : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोभा चौकी इलाके में आदिवासी समुदाय के दो युवकों के साथ वन विभाग के कर्मचारी द्वारा कथित रूप से की गई बेरहमी से पिटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद जिले में आक्रोश का माहौल है।
आदिवासियों पर कथित अमानवीय व्यवहार
जानकारी के अनुसार, वन विभाग का एक कर्मचारी आदिवासी युवकों के साथ न सिर्फ मारपीट करता नजर आ रहा है, बल्कि उन्हें अपमानित भी किया गया। जिस तरह से युवकों के साथ व्यवहार किया गया, उसने मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर पेश की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कार्रवाई कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई।
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आरोपी कर्मचारी पर नशे में उत्पात का आरोप
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि संबंधित वनकर्मी आए दिन नशे की हालत में गांव में विवाद करता हुआ देखा जाता है। इसके बावजूद अब तक उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में गहरी नाराजगी है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
इस मामले को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सोशल मीडिया पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वीडियो साझा करते हुए आरोपी वनकर्मी के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है। पटवारी ने सवाल उठाया कि क्या आदिवासियों के साथ इस तरह का व्यवहार अब सामान्य हो गया है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो आरोपी की गिरफ्तारी हुई है और न ही एफआईआर दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि सामने आई है। इसे लेकर यह आरोप लग रहे हैं कि शासन-प्रशासन आरोपी पर मेहरबान है।
जांच की मांग तेज
स्थानीय सामाजिक संगठनों और आदिवासी नेताओं ने निष्पक्ष जांच, पीड़ितों को न्याय और दोषी वनकर्मी के निलंबन की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।









