सिंगरौली : सिंगरौली जिले की माड़ा तहसील अंतर्गत छतौली और धनहरा ग्राम पंचायत में पंचायत प्रतिनिधियों की दबंगई का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा है कि पट्टे पर मिली निजी ज़मीन पर बिना किसी अनुमति और सहमति के रात के अंधेरे में JCB चलवाकर जबरन सड़क निकाल दी गई, जिससे उनकी खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई।
पट्टे की ज़मीन पर जबरन कब्जे का आरोप
पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि पर सड़क निकाली गई, वह शासन द्वारा उन्हें वैधानिक रूप से पट्टे पर दी गई थी। इसके बावजूद पंचायत स्तर पर कोई नोटिस, प्रस्ताव या सहमति नहीं ली गई। अचानक रात में मशीनरी लगाकर जमीन को खोद दिया गया, जिससे महीनों की मेहनत पलभर में बर्बाद हो गई।
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शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत स्थानीय थाना, तहसील कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय तक की है, लेकिन अब तक न तो सड़क निर्माण रोका गया और न ही किसी जिम्मेदार पर कार्रवाई हुई। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
दोबारा JCB चलवाने की धमकी
ग्रामीणों का आरोप है कि धनहरा पंचायत के सरपंच ने खुलेआम दोबारा JCB चलवाने की धमकी दी है। इससे गांव में डर का माहौल बन गया है और लोग अपने ही हक की जमीन को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इस घटना ने पंचायतों में चल रही मनमानी और प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि दोषी सरपंच-सचिव पर तत्काल कार्रवाई हो, अवैध सड़क निर्माण रोका जाए और फसल नुकसान का उचित मुआवज़ा दिया जाए।











