Singrauli News : सिंगरौली। मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के लंघाडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत झलरी गांव में वर्षों से चल रहे एक अवैध झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक ने स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल दी है। हैरानी की बात यह है कि बिना किसी डिग्री और पंजीयन के यह तथाकथित डॉक्टर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक का इलाज कर रहा है, वो भी सिर्फ टैबलेट और ग्लूकोज की बोतलों के भरोसे।
Singrauli News : ग्रामीणों का आरोप है कि इस अवैध क्लिनिक को भाजपा के एक प्रभावशाली नेता ‘तिवारी जी’ का संरक्षण प्राप्त है। तिवारी जी हर महीने “दान-दक्षिणा” के नाम पर क्लिनिक से मोटी रकम वसूलते हैं और जब भी कोई इस अवैध गतिविधि का विरोध करता है, तो उन्हें धमकाकर चुप करा दिया जाता है।
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इतना ही नहीं, क्लिनिक से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट (जैसे इस्तेमाल की गई सूइयां, दवा रैपर और ग्लूकोज की बोतलें) खुले में फेंकी जा रही हैं, जिससे झलरी गांव में संक्रमण फैलने का खतरा मंडरा रहा है। हालात ऐसे हैं कि यह संकट गांव की सीमाओं को पार कर बड़े स्तर पर फैल सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि बीएमओ स्तर के अधिकारी भी इस मामले में मौन समर्थन दे रहे हैं। तिवारी जी खुलेआम कहते हैं कि “बीएमओ साहब ने ही उन्हें लाइसेंस दिया है”, जो कि न केवल मेडिकल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा तमाचा है।
झलरी गांव के निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस अवैध क्लिनिक को तत्काल बंद किया जाए और राजनीतिक संरक्षण देने वालों सहित स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।









