Singrauli News : सिंगरौली, मध्य प्रदेश। सिंगरौली के सरई थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पुष्पेंद्र शाह हत्याकांड को दो महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। इससे नाराज़ मृतक के परिजनों ने शनिवार को एक अनोखा और दर्द भरा विरोध प्रदर्शन किया। वे मृतक के कंकाल को लेकर सरई थाने के सामने धरने पर बैठ गए और पुलिस से जल्द न्याय की मांग की। इस दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ ने भी उनके साथ मिलकर जमकर नारेबाजी की।
Singrauli News : क्या है पूरा मामला?
6 जुलाई को सरई थाना क्षेत्र के पुष्पेंद्र शाह अपने घर से खेत के लिए निकले थे, जिसके बाद से वो लापता हो गए थे। 15 जुलाई को उनका कंकाल घर से करीब 4 किलोमीटर दूर जंगल में मिला। कपड़ों और अन्य सामानों से परिवार ने शव की पहचान की। इसके बाद, डीएनए परीक्षण के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज में उनके माता-पिता का डीएनए सैंपल लिया गया। हाल ही में आई रिपोर्ट से यह पुष्टि हो गई कि कंकाल पुष्पेंद्र का ही है।
पुलिस ने कंकाल परिजनों को सौंप दिया, लेकिन न्याय में हो रही देरी से निराश परिवार ने इसे घर ले जाने के बजाय थाने के सामने ही रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
थाना प्रभारी के बयान से बढ़ा आक्रोश
धरने के दौरान सरई थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह भदौरिया ने परिजनों से बात की, लेकिन उनका कथित तौर पर गैर-जिम्मेदाराना रवैया और बयान लोगों को पसंद नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील मामले में पुलिस अधिकारी का यह व्यवहार उनकी संवेदनहीनता को दर्शाता है।
हालांकि, थाना प्रभारी भदौरिया ने बताया कि यह एक ब्लाइंड मर्डर केस है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अब तक 20 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की है और साइबर सेल की मदद से सुराग जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस जल्द ही मामले का खुलासा करेगी।
पुलिस कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना ने सिंगरौली पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो महीने बीत जाने के बाद भी हत्यारों तक नहीं पहुंच पाना पुलिस की निष्क्रियता को उजागर करता है। परिजन और ग्रामीणों ने जिले के पुलिस अधीक्षक से जल्द से जल्द मामले का खुलासा करने और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।











