सिंगरौली, मध्यप्रदेश। Singrauli News : शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और पहुंच को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार की व्यवस्था सिंगरौली जिले के ग्राम कथूरा में पूरी तरह नाकाम होती नजर आ रही है। कथूरा स्थित हाई स्कूल के मुख्य गेट पर ताले लटके हैं, और छात्र-छात्राएं हर सुबह उम्मीद के साथ स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन वहां उन्हें मिलता है सिर्फ निराशा और इंतजार।
Singrauli News : हर दिन बच्चे घंटों स्कूल के बाहर खड़े रहकर प्राचार्य और शिक्षकों का इंतजार करते हैं, मगर कोई जिम्मेदार उन्हें जवाब देने या पढ़ाने नहीं आता। यह स्थिति एक या दो दिन की नहीं, बल्कि लगातार बनी हुई है। छात्र बिना पढ़ाई के दिन गुजार रहे हैं और उनका भविष्य अंधकार में धकेला जा रहा है।
स्थानीय अभिभावकों में भारी आक्रोश है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की लापरवाही और गैर-जवाबदेही ने बच्चों की शिक्षा को मज़ाक बना दिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई बार शिक्षा विभाग और प्रशासन को शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सरकार की शिक्षा नीति और स्कूल संचालन की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जबकि प्रदेश सरकार बार-बार शिक्षा में सुधार और डिजिटल क्लास जैसी योजनाओं का प्रचार करती है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि बच्चों को सबसे पहले एक खुला स्कूल तक नसीब नहीं है।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन जागेगा? क्या छात्रों को उनका मौलिक अधिकार – शिक्षा का अधिकार – समय पर और समुचित रूप से मिलेगा?
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित स्कूल स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई हो और बच्चों को लगातार हो रही पढ़ाई की हानि की भरपाई की जाए।













