निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। सरई थाना क्षेत्र के धिरौली स्थित बर्दिया डोल फटरा नाला में बड़े पैमाने पर रेत माफियाओं द्वारा अवैध खनन किए जाने के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यहां दिन-रात ट्रैक्टरों के माध्यम से रेत निकालकर विभिन्न क्षेत्रों में भेजी जा रही है।
सरई थाना क्षेत्र में अवैध खनन का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह से लेकर देर रात तक ट्रैक्टरों की कतारें नाले से रेत भरकर निकलती दिखाई देती हैं। लगातार उत्खनन के कारण नाले के किनारे गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे प्राकृतिक संरचना को नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि अगर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करे तो यह अवैध कारोबार तुरंत बंद हो सकता है, लेकिन स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता को लेकर लोग सवाल उठा रहे हैं।
प्रशासन को कई बार दी जा चुकी शिकायत
ग्रामीणों ने बताया कि इस मामले की शिकायत खनिज विभाग और प्रशासन से कई बार की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसके चलते लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
सुखरा नदी में भी अवैध रेत उत्खनन
इसी तरह ग्राम हरैया, पुलिस चौकी खुटार और ग्राम पंचायत डिग्धी क्षेत्र में स्थित सुखरा नदी से भी अवैध रेत उत्खनन के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों के अनुसार कुछ लोग ट्रैक्टरों के माध्यम से नदी से लगातार रेत निकालकर परिवहन कर रहे हैं।
विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकी
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इस अवैध गतिविधि का विरोध किया तो संबंधित लोगों ने झगड़ा-विवाद किया और आने-जाने का रास्ता भी बंद कर दिया। इससे बच्चों को स्कूल और परीक्षा देने जाने में भी परेशानी हुई।
ग्रामीणों ने बताया कि इस पूरे मामले के वीडियो भी उनके पास मौजूद हैं और शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रेत उत्खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए, रास्ते को बहाल कराया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।फिलहाल पूरे मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।











