Sidhi News : सीधी | सीधी जिले के शिकारगंज क्षेत्र में सोन नदी से उठती लहरों के साथ इस समय डर की दस्तक भी सुनाई दे रही है। कारण—सोन घड़ियाल अभयारण्य के तहत छोड़े गए घड़ियाल, जिनमें से एक आज पहली बार नदी के बिल्कुल किनारे तक पहुंच गया। इसके बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है और स्थानीय ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने नदी के पास जाना लगभग बंद कर दिया है।
Sidhi News : प्रदेश में विकसित हो रहे दूसरे सोन घड़ियाल अभयारण्य के तहत चंबल से कुल 25 घड़ियाल लाए गए थे। इनमें से 13 घड़ियाल योगदान घाट में पहले ही छोड़े जा चुके थे और बाकी 12 घड़ियालों को हाल ही में शिकारगंज संगम क्षेत्र में रिलीज किया गया है।
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शिकारगंज की विशेषता यह है कि यहां सोन नदी, बनास नदी और महान नदी का पवित्र संगम स्थित है। यह स्थान धार्मिक महत्व के कारण हर त्योहार पर हजारों श्रद्धालुओं से भर जाता है। लेकिन अब हालात बदल गए हैं—लोग नदी के पास जाने से डर रहे हैं।
आज रविवार को सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शैलेंद्र सिंह ने ड्रोन कैमरे से एक घड़ियाल को नदी के बिल्कुल नजदीक बैठे हुए रिकॉर्ड किया। वीडियो में घड़ियाल उसी स्थान पर दिखाई दिया, जहां लोग अक्सर स्नान करने और पूजा के लिए पहुंचा करते थे। वीडियो वायरल होते ही पूरे क्षेत्र में चर्चा और चिंता दोनों तेज हो गईं।
सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, जिसमें रमाशंकर केवट और बबलू केवट शामिल रहे। टीम ने घाट क्षेत्र में चेतावनी जारी करते हुए कहा कि घड़ियालों के निवास के लिए अलग क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। तब तक लोगों को नदी के पास जाने से सख्ती से रोका जाएगा।
सुरक्षा को देखते हुए नदी के दोनों घाटों पर चार कर्मचारियों की लगातार ड्यूटी लगा दी गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति पानी के पास न पहुंचे।
वन विभाग की अपील साफ है—
“स्थिति सुरक्षित होने तक नदी से दूरी रखें… जरा सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना बन सकती है।”









