Sawan Somwar 2026: सिद्धेश्वर महादेव धाम में आस्था की अनोखी परीक्षा, कोहनी से उठता है शिवलिंग, ऐसी है मान्यता

Anuj Nirala

Sawan Somwar 2026: सिद्धेश्वर महादेव धाम सावन के पहले सोमवार पर एक बार फिर हजारों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले की जोबट तहसील के ग्राम उंडारी में स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर अपनी अनोखी परंपरा के कारण दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। यहां आने वाले श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने के साथ एक ऐसी धार्मिक परंपरा में भी भाग लेते हैं, जिसे स्थानीय लोग आस्था और विश्वास का प्रतीक मानते हैं।

कोहनी से शिवलिंग उठाने की अनोखी परंपरा

सिद्धेश्वर महादेव धाम की सबसे बड़ी पहचान यहां स्थापित चलित शिवलिंग है। स्थानीय मान्यता के अनुसार श्रद्धालु पहले भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करते हैं। इसके बाद वे हाथ की कोहनी के सहारे शिवलिंग उठाने का प्रयास करते हैं।

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Sawan Somwar 2026: यह एक धार्मिक परंपरा है और श्रद्धालुओं के बीच यह विश्वास प्रचलित है कि यदि उनकी मनोकामना पूरी होने का समय अनुकूल है तो शिवलिंग आसानी से उठ जाता है। वहीं यदि ऐसा नहीं होता तो शिवलिंग नहीं उठता। यह एक धार्मिक मान्यता है, जिसका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

सावन में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़

Sawan Somwar 2026: सिद्धेश्वर महादेव धाम में सावन के महीने में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। सोमवार के दिन मंदिर परिसर में सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित करने और विशेष पूजा के लिए लोग परिवार सहित मंदिर पहुंच रहे हैं।मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गूंज रहा है। पूरे दिन भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन भी किया जा रहा है।

मनोकामना पूरी होने पर फिर लौटते हैं श्रद्धालु

सिद्धेश्वर महादेव धाम से जुड़े स्थानीय लोगों का कहना है कि कई श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद दोबारा मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का आभार व्यक्त करते हैं। वे जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, भंडारा और विशेष पूजा कर अपनी श्रद्धा प्रकट करते हैं।इसी परंपरा के कारण यह मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

तीन राज्यों से पहुंचते हैं भक्त

Sawan Somwar 2026: सिद्धेश्वर महादेव धाम में केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि गुजरात और राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सावन के दौरान यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सुरक्षा, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

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आस्था का प्रमुख केंद्र बना सिद्धेश्वर महादेव धाम

सिद्धेश्वर महादेव धाम आज केवल एक प्राचीन मंदिर नहीं, बल्कि श्रद्धा, विश्वास और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। सावन के पावन महीने में यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।मंदिर की यह अनोखी परंपरा हर साल हजारों लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है और सावन के दौरान यहां का आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष अनुभव बन जाता है।

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