shikshakarmi personal data leaked : बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में शिक्षकों का निजी डेटा लीक होने के बाद वे साइबर ठगों के आसान शिकार बन रहे हैं। जिले में अब तक दो से अधिक शिक्षकों के साइबर ठगी का शिकार होने की शिकायतें थानों में दर्ज हो चुकी हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) मनीराम यादव भी इन साइबर अपराधियों के निशाने पर आ चुके हैं।
shikshakarmi personal data leaked :
ठगों के पास शिक्षकों का पूरा डेटा
जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव ने बताया कि साइबर ठगों के पास शिक्षकों का पूरा निजी डेटा मौजूद है, जिसमें उनके नाम, वर्तमान पोस्टिंग स्थान, और पहले के पदस्थापना की जगह जैसी संवेदनशील जानकारी शामिल है। ठग इसी डेटा का इस्तेमाल कर उन्हें झांसा दे रहे हैं।
डीईओ ने बताया कि ठग कभी किसी टीचर का रूप लेकर तो कभी अन्य अधिकारियों का झांसा देकर शिक्षकों को फोन कर रहे हैं। इस विस्तृत जानकारी के कारण ठगों को पहचानना मुश्किल हो जाता है और वे आसानी से लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।
DEO को Jashpur TI बनकर किया गया कॉल
मनीराम यादव ने अपने साथ हुई घटना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब वह पहले जशपुर जिले में पदस्थ थे, तब भी साइबर अपराधियों ने उन्हें फोन किया था। उस समय ठगों ने जशपुर के टीआई (थाना प्रभारी) का रूप दिखाकर उन्हें ठगने की कोशिश की थी।
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हालांकि, डीईओ ने समय रहते ठग को पहचान लिया और तुरंत उस नंबर को ब्लॉक कर दिया, जिससे वे ठगी का शिकार होने से बच गए।
शिक्षकों से सावधानी बरतने की अपील
इस गंभीर खतरे को देखते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी शिक्षकों से अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा न करें और किसी भी प्रकार की वित्तीय या निजी जानकारी साझा न करें।
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फिलहाल, पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि शिक्षकों का संवेदनशील डेटा आखिर कहाँ से लीक हुआ और क्या अपराधियों ने ठगी का कोई नया तरीका अपनाया है।











