Tuesday, August 25, 2026
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अफगान बॉर्डर पर पाकिस्तान की जबरदस्त एयर स्ट्राइक, बोला तालिबान- बदला जरूर लेंगे

निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संबंध एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गए हैं। रविवार तड़के पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में की गई एयरस्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव तेज हो गया है। पाकिस्तान का दावा है कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई और इसका लक्ष्य तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकाने थे।इस्लामाबाद के अनुसार, हाल के आत्मघाती हमलों में शामिल आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए यह कदम उठाया गया।

 टीटीपी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने बताया कि चयनित ऑपरेशन में सात संदिग्ध आतंकी कैंपों को निशाना बनाया गया। सरकार का कहना है कि इन ठिकानों से पाकिस्तान में हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।

हालांकि, हमलों के सटीक स्थानों का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में पक्तिका और नंगरहार प्रांतों का उल्लेख किया जा रहा है।

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 काबुल का आरोप—नागरिक हताहत

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी दावों को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि हमले में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। काबुल के अनुसार, एक धार्मिक मदरसे सहित कई स्थानों पर बमबारी हुई, जिसमें 19 नागरिकों की मौत हुई है।अफगान रक्षा मंत्रालय ने इस कार्रवाई को राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

 टीटीपी और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियां

पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि टीटीपी को अफगान जमीन पर सुरक्षित पनाह मिल रही है। 2021 में अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता वापसी के बाद सीमा पार हमलों में वृद्धि देखी गई है।

हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा और बन्नू में हुए आत्मघाती हमलों में कई सैनिकों की मौत के बाद पाकिस्तान ने कड़ा रुख अपनाया है।

 क्षेत्रीय शांति पर असर

विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। पहले भी सीमा पर झड़पों में सैनिकों और नागरिकों की जान जा चुकी है।फिलहाल दोनों देशों की सेनाएं अलर्ट मोड पर हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस घटनाक्रम पर टिकी है, क्योंकि यह दक्षिण एशिया की स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।आने वाले दिनों में कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर उठाए जाने वाले कदम इस तनाव की दिशा तय करेंगे।

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