Sharadiya Navratri 2025 : नवरात्रि का चौथा दिन मां कूष्मांडा को समर्पित है। भक्तों का मानना है कि इस दिन उनकी श्रद्धा से शक्ति, ऐश्वर्य और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
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पूजा विधि (Puja Vidhi)
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प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें और पूजा स्थल को शुद्ध करें।
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माता की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर गंगाजल से शुद्ध करें।
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कलश स्थापना करें और दीपक जलाएं।
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माता को लाल फूल, सिंदूर, चंदन, धूप और दीप अर्पित करें।
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भोग में मालपुए, मीठा प्रसाद और फल अर्पित करें।
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ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः मंत्र का 108 बार जाप करें।
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अंत में आरती कर परिवार की मंगलकामना करें।
मंत्र (Mantra)
ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः॥
इस मंत्र का जाप नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
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भोग (Bhog)
मां कूष्मांडा को मालपुए और मीठा भोग प्रिय है। भक्त इसे श्रद्धा भाव से अर्पित करते हैं।
महत्व (Importance)
मां कूष्मांडा की पूजा से असाध्य रोग दूर होते हैं, परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और साधक की मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।













