भोपाल: मध्य प्रदेश में विशेष प्रशासनिक समीक्षा (SIR) के बाद बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के अनुसार सरकार इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे महत्वपूर्ण जिलों में कलेक्टर स्तर पर बदलाव करने की तैयारी कर रही है। हाल के महीनों में सामने आई शिकायतों, मैदानी रिपोर्ट और व्यवस्थागत कमियों को इस संभावित कार्रवाई की मुख्य वजह माना जा रहा है।
लापरवाही और विवादित मामलों पर सख्ती के संकेत
दूषित पानी से जुड़े मामलों और प्रशासनिक लापरवाही की घटनाओं ने शासन का ध्यान खींचा है। माना जा रहा है कि जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया के तहत कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। ग्वालियर और इंदौर में भी प्रदर्शन, शिकायतों और स्थानीय मुद्दों को लेकर शासन स्तर पर समीक्षा हुई है, जिसके बाद बदलाव की संभावना और मजबूत हुई है।
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भोपाल सहित तीन बड़े जिलों पर नजर
सूत्र बताते हैं कि प्रमोशन के बाद भोपाल कलेक्टर का स्थानांतरण लगभग तय माना जा रहा है। वहीं ग्वालियर और इंदौर में भी नए अधिकारियों की तैनाती को लेकर मंथन जारी है। प्रशासनिक हलकों में इस संभावित फेरबदल को लेकर हलचल तेज हो गई है और अधिकारी वर्ग आधिकारिक आदेश का इंतजार कर रहा है।
जनगणना से पहले प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी
सरकार आगामी जनगणना और प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करना चाहती है। इसी वजह से अनुभवी और परिणाम देने वाले अधिकारियों की तैनाती पर जोर दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह बदलाव शासन की कार्यक्षमता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
जल्द जारी हो सकते हैं आदेश
हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि आदेश कभी भी जारी किए जा सकते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश के प्रशासनिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।